मेट्रो टनल के 20 मीटर दायरे में निर्माण-बोरिंग पर रोक:पटना मेट्रो ऑफिस से लेना होगा NOC, टनल की सुरक्षा को लेकर आदेश जारी

मेट्रो टनल के 20 मीटर दायरे में निर्माण-बोरिंग पर रोक:पटना मेट्रो ऑफिस से लेना होगा NOC, टनल की सुरक्षा को लेकर आदेश जारी

पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड टनल के निर्माण में तेजी लाई गई है। कॉरिडोर-2 में राजेंद्र नगर से पटना जंक्शन तक टनल निर्माण हो रहा है। इसके चलते मेट्रो के दोनों तरफ 20-20 मीटर के दायरे में मकान निर्माण, मकान के जीर्णोद्धार और बोरिंग कराने पर रोक लगा दी गई है। अब कोई भी काम कराने से पहले मेट्रो ऑफिस से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना जरूरी होगा। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने इसकी मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। स्पष्ट किया गया है कि टनल को नुकसान से बचाने के लिए यह रोक लगाई गई है।
कंपन से टनल के ठीक ऊपर या सटे मकानों को नुकसान होगा राजेंद्र नगर, मोइनुल हक स्टेडियम और सैदपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में टनल जमीन से महज 16 से 25 मीटर की गहराई पर है। पटना में सामान्यतः पानी के लिए 350 फीट या उससे अधिक गहराई तक बोरिंग की जाती है। इतनी गहराई टनल के स्ट्रक्चर को सीधे तौर पर क्षतिग्रस्त कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मेट्रो परिचालन के दौरान होने वाले कंपन से टनल के ठीक ऊपर या सटे निर्माणों को नुकसान पहुंच सकता है। मेट्रो इंजीनियरों की जांच के बाद ही मिलेगी NOC यदि कोई अपने पुराने मकान का जीर्णोद्धार या नया निर्माण करना चाहता है तो उसे मेट्रो इंजीनियरों की जांच के बाद ही NOC दी जाएगी। इसके लिए नगर निगम को भी सूचित कर दिया गया है। राज्य या केंद्र सरकार के भवनों के निर्माण संबंधी निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय कमेटी लेगी। रेलवे से NOC मिलने के बाद टनल निर्माण हुआ शुरू मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच लगभग 800 मीटर तक टनल निर्माण के लिए खुदाई शुरू हो गई है। रेलवे से अनुमति मिलने के बाद दिसंबर 2025 से रुका हुआ निर्माण का काम गति पकड़ा है। दरअसल, मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल होते हुए मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के पहले तक लगभग 1800 मीटर लंबी टनल तैयार की जानी है। इस हिस्से में खुदाई के लिए पटना मेट्रो ने दो टनल बोरिंग मशीन (TBM) को लगाया था और काम तेजी से चल रहा था, लेकिन रेलवे से मंजूरी नहीं मिलने के कारण इसे रोकना पड़ा। राजेंद्र नगर टर्मिनल के पहले रेलवे लाइन के समीप टनल बनाने के लिए रेलवे की अनुमति आवश्यक थी। अब तीन महीने बाद मार्च से फिर काम को शुरू किया गया। राजेंद्र नगर सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पटना मेट्रो रेल का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन है। यहां 21 मीटर नीचे से मेट्रो रेल गुजरेगी। इसका कारण राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाला रेलवे ट्रैक है। यह एक विशेष मेट्रो स्टेशन होगा, क्योंकि यह रेलवे टर्मिनल से जुड़ा होगा। इस मेट्रो स्टेशन से लोग आसानी से राजेंद्र नगर रेलवे टर्मिनल से ट्रेन भी पकड़ सकेंगे। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन एक इंटरचेंज स्टेशन है, जो रेड लाइन और ब्लू लाइन को जोड़ेगा। इससे दानापुर से खेमनीचक और न्यू ISBT तक की यात्रा आसान हो जाएगी। पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड टनल के निर्माण में तेजी लाई गई है। कॉरिडोर-2 में राजेंद्र नगर से पटना जंक्शन तक टनल निर्माण हो रहा है। इसके चलते मेट्रो के दोनों तरफ 20-20 मीटर के दायरे में मकान निर्माण, मकान के जीर्णोद्धार और बोरिंग कराने पर रोक लगा दी गई है। अब कोई भी काम कराने से पहले मेट्रो ऑफिस से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना जरूरी होगा। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने इसकी मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। स्पष्ट किया गया है कि टनल को नुकसान से बचाने के लिए यह रोक लगाई गई है।
कंपन से टनल के ठीक ऊपर या सटे मकानों को नुकसान होगा राजेंद्र नगर, मोइनुल हक स्टेडियम और सैदपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में टनल जमीन से महज 16 से 25 मीटर की गहराई पर है। पटना में सामान्यतः पानी के लिए 350 फीट या उससे अधिक गहराई तक बोरिंग की जाती है। इतनी गहराई टनल के स्ट्रक्चर को सीधे तौर पर क्षतिग्रस्त कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मेट्रो परिचालन के दौरान होने वाले कंपन से टनल के ठीक ऊपर या सटे निर्माणों को नुकसान पहुंच सकता है। मेट्रो इंजीनियरों की जांच के बाद ही मिलेगी NOC यदि कोई अपने पुराने मकान का जीर्णोद्धार या नया निर्माण करना चाहता है तो उसे मेट्रो इंजीनियरों की जांच के बाद ही NOC दी जाएगी। इसके लिए नगर निगम को भी सूचित कर दिया गया है। राज्य या केंद्र सरकार के भवनों के निर्माण संबंधी निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय कमेटी लेगी। रेलवे से NOC मिलने के बाद टनल निर्माण हुआ शुरू मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच लगभग 800 मीटर तक टनल निर्माण के लिए खुदाई शुरू हो गई है। रेलवे से अनुमति मिलने के बाद दिसंबर 2025 से रुका हुआ निर्माण का काम गति पकड़ा है। दरअसल, मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल होते हुए मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के पहले तक लगभग 1800 मीटर लंबी टनल तैयार की जानी है। इस हिस्से में खुदाई के लिए पटना मेट्रो ने दो टनल बोरिंग मशीन (TBM) को लगाया था और काम तेजी से चल रहा था, लेकिन रेलवे से मंजूरी नहीं मिलने के कारण इसे रोकना पड़ा। राजेंद्र नगर टर्मिनल के पहले रेलवे लाइन के समीप टनल बनाने के लिए रेलवे की अनुमति आवश्यक थी। अब तीन महीने बाद मार्च से फिर काम को शुरू किया गया। राजेंद्र नगर सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पटना मेट्रो रेल का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन है। यहां 21 मीटर नीचे से मेट्रो रेल गुजरेगी। इसका कारण राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाला रेलवे ट्रैक है। यह एक विशेष मेट्रो स्टेशन होगा, क्योंकि यह रेलवे टर्मिनल से जुड़ा होगा। इस मेट्रो स्टेशन से लोग आसानी से राजेंद्र नगर रेलवे टर्मिनल से ट्रेन भी पकड़ सकेंगे। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन एक इंटरचेंज स्टेशन है, जो रेड लाइन और ब्लू लाइन को जोड़ेगा। इससे दानापुर से खेमनीचक और न्यू ISBT तक की यात्रा आसान हो जाएगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *