Stomach Ulcer: पेट में बार-बार जलन और दर्द को न करें नजरअंदाज, एनएचएस ने बताया पेट का अल्सर हो सकता है वजह

Stomach Ulcer Hindi: पेट में जलन या दर्द होना बहुत आम बात है। हम अक्सर इसे गैस या भारी खाने का असर मानकर टाल देते हैं। लेकिन अगर आपके पेट में बार-बार जलन और दर्द हो रहा है, तो संभल जाइए। यूके की NHS (नेशनल हेल्थ सर्विस) की रिपोर्ट कहती है कि यह सिर्फ गैस नहीं, बल्कि पेट का अल्सर यानी पेट में छाला हो सकता है। इसे पेप्टिक या गैस्ट्रिक अल्सर भी कहा जाता है। पेट के अल्सर का मुख्य लक्षण पेट में दर्द है और ये दर्द मुख्य रूप से पेट के ऊपरी हिस्से में होता है। अगर समय पर इसका ध्यान न रखा जाए, तो यह बीमारी आगे चलकर काफी परेशान कर सकती है। आइए जानते हैं कि यह क्या बीमारी है और इससे कैसे बचा जाए।

पेट का अल्सर (Stomach Ulcer) क्या है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पेट का अल्सर का मतलब है पेट के अंदर छाला या घाव हो जाना। जब यह छाला होता है, तो पेट में किसी एक खास जगह पर जलन या कुछ चुभने/कुतरने जैसा तेज दर्द महसूस होता है। हालांकि, कई बार अल्सर होने के बावजूद इसके कोई खास लक्षण बाहर से नजर नहीं आते। पेट का अल्सर बहुत आम बीमारी है और दवाओं से आसानी से ठीक हो जाता है। लेकिन अगर इसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो यह खतरनाक हो सकता है, कुछ छालों से लगातार थोड़ा-थोड़ा खून बहता रहता है, जिससे शरीर में खून की भारी कमी (एनीमिया) हो सकती है। अगर छाला बढ़ता ही रहे, तो यह पेट की अंदरूनी दीवार को गलाकर उसमें छेद तक कर सकता है, जो एक इमरजेंसी मेडिकल कंडीशन है।

क्या हैं इसके लक्षण? कैसे पहचानें?

  • पेट के ऊपरी हिस्से में जलन।
  • खट्टी डकारें और जी मिचलाना।
  • पेट फूलना।
  • भूख न लगना।

डॉक्टर के पास तुरंत कब भागें?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, इनमें से कोई भी बात दिखे, तो बिना देर किए सीधे डॉक्टर को दिखाएं;

  • उल्टी में खून दिखे या उल्टी का रंग चाय-कॉफी जैसा गाढ़ा हो।
  • टॉयलेट (लैट्रिन) का रंग बिल्कुल काला आ रहा हो।
  • पेट में अचानक ऐसा दर्द उठे जो बर्दाश्त से बाहर हो।
  • चक्कर आए या आंखों के आगे अंधेरा छाए।

इससे बचने के तरीके

  • तला-भुना, बहुत तीखा और बाहर का खाना बंद कर दें।
  • जब भी सिरदर्द या बदन दर्द हो, तो सीधे पेनकिलर गोलियां न निगलें।
  • बहुत देर तक भूखे न रहें। थोड़ा-थोड़ा करके दिन में 3-4 बार खाएं।
  • शराब और सिगरेट से दूरी बनाएं।
  • अगर दर्द 2-3 दिन में ठीक न हो, तो डॉक्टर से मिलकर सही दवा लें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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