Stock Market Update: क्या अब भारतीय IT स्टॉक्स भरेंगे फर्राटा? जानिए क्या मिल रहे संकेत

Stock Market Update: क्या अब भारतीय IT स्टॉक्स भरेंगे फर्राटा? जानिए क्या मिल रहे संकेत

AI vs IT Sector: अमरीका-ईरान के बीच शांति वार्ता दोबारा 16 अप्रेल से शुरू होने की उम्मीद है। इससे क्रूड ऑयल भी फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया और सुलह की संभावना से बाजार में उत्साह है। इससे मंगलवार को अमरीका-एशिया सहित तमाम शेयर बाजारों में तेजी दिखी। भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को बंद थे, पर गिफ्ट निफ्टी में करीब 1.5 फीसदी की तेजी आई। इसके साथ ही बुधवार को शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल रही है।

अमेरिकी बाजार के टेक शेयरों में मजबूती

अमेरिका में इंफोसिस और विप्रो के अमरीकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (एडीआर) में रातोंरात जोरदार तेजी आई और यह 5 फीसदी तक उछाल गया है, जो भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। यह बढ़त वॉल स्ट्रीट में बने सकारात्मक माहौल के बीच आई है। अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की मजबूती, एआइ से जुड़े व्यवधान की चिंताओं में कमी और अमरीका-ईरान शाति वार्ता की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसका फायदा अमरीकी बाजार पर निर्भर भारतीय आइटी कंपनियों को मिल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक संकेत ऐसे ही मजबूत रहे तो टीसीएस-एचसीएल टेक सहित अन्य आइटी शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिल सकती है। एआइ को लेकर आइटी सेक्टर में जो डर था, अब धीरे धीरे कम होता दिख रहा है। गोल्डमैन सैश के सीईओ डेविड सोलोमन ने कहा, एआइ से कंपनियों की एफिशिएंसी बढ़ेगी, न कि पूरी तरह से जॉब्स खत्म होंगी। इससे आइटी सेक्टर को लेकर निगेटिव सेंटिमेंट में सुधार आया है।

कंपनी (Company) बढ़त (%)
ओरेकल (Oracle) 7.16%
माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) 4.11%
एसेंचर (Accenture) 6.98%
सेल्सफोर्स (Salesforce) 5.09%
एडोब (Adobe) 6.21%
वीप्रो (Wipro) 3.23%
इंफोसिस (Infosys) 5.12%
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में चढ़े टेक स्टॉक्स

आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली

वर्ष 2026 में अब तक एआइ के कारण कमाई घटने की आशंका से निफ्टी इंडेक्स 20 फीसदी लुढ़क चुका है, यानी करीब 80,628 करोड़ रुपये। 2025-26 में विदेशी निवेशकों ने सबसे ज्यादा बिकवाली आइटी शेयरों में ही की है। जबकि इससे पहले वर्ष 2022-23 में 51,138 करोड़ रुपये विदेशी निवेशकों ने निकाले हैं.

एआइ के वादों और वास्तविक डिलीवरी में अंतर

टेक क्रांति की एक जानी-पहचानी लय होती है। पहले उत्साह आता है, फिर निवेश आता है और उसके बाद एक असहज दौर आता है। एआइ अब इसी तीसरे चरण में प्रवेश कर चुकी है। एआइ अब उस दौर में पहुंच गई है, जहां बड़े वादों और वास्तविक नतीजों के बीच अंतर साफ दिखने लगा है। पिछले एक साल में बड़ी टेक कंपनियों ने एआइ में निवेश बढ़ाते हुए हजारों नौकरियां कम कीं और इसे एआइ-आधारित भविष्य की तैयारी बताया।

एआइ के कारण कंपनियां एकसाथ अधिक उत्पादक भी महसूस कर रही हैं और अधिक सीमित भी। इसकी वजह यह है कि एआइ से इंजीनियर तेजी से कोड लिख रहे हैं, लेकिन उसे जांचने और त्रुटियां ठीक करने में अधिक समय लग रहा है। डिजानर ज्यादा विकल्प बना रहे हैं, पर जरूरी नहीं कि वे बेहतर हों। विश्लेषक अधिक डेटा प्रोसेस कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम जिन बातों को भरोसे से तथ्य बताता है, उनकी पुष्टि अभी भी इंसानों को करनी पड़ती है।

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