बिहार में 14 साल के लंबे इंतजार के बाद जनगणना-2027 के पहले चरण का शुभारंभ आज से हो गया है। समस्तीपुर में कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम रोशन कुशवाहा ने दीप जलाकर किया। इस मौके पर उन्होंने परिवार के लोगों की जानकारी पोर्टल पर भरकर अभियान की शुरुआत की। पहला चरण 17 अप्रैल से 1 मई तक चलेगा। पूरी तरह से डिजिटल मोड में किया जा रहा है। आम जनता खुद मोबाइल ऐप और ऑनलाइन माध्यम से स्वगणना कर सकेंगे। जो भी व्यक्ति निर्धारित समय पर स्वगणना नहीं कर सकेंगे, उनके लिए दूसरे चरण में 2 से 31 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर गणना करेंगे। महत्वपूर्ण कार्य के लिए 10 हजार कर्मियों को लगाया गया जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति गूगल पर जाकर Self-Enumeration लिखकर पोर्टल खोल सकते हैं। खुद और परिवार के बारे में पूरी जानकारी डालकर समिट कर सकते हैं। जनगणना- 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण-आवास गणना) अंतर्गत बिहार के अन्य जिलों के साथ ममस्तीपुर में भी स्वगणना (Self-Enumeration) का कार्य प्रारंभ हो गया है। कुल 10,000 कर्मियों को लगाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 20 पर्यवेक्षक और शहरी क्षेत्र में आठ पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। दो चरणों में होगी जनगणना मकान सूचीकरण (House Listing): इसमें घरों की स्थिति, सुविधाओं (जैसे पानी, बिजली, शौचालय) और संपत्तियों की जानकारी ली जाती है। जनसंख्या गणना (Population Enumeration): इसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत जानकारी (नाम, आयु, शिक्षा, धर्म, व्यवसाय आदि) भरी जाती है। फॉर्म भरने के तरीके आप दो में से किसी एक तरीके से अपना फॉर्म भर सकते हैं। पहला स्व-गणना (Self-Enumeration) है, जो ऑनलाइन भरी जाएगी। वहीं, दूसरा प्रगणक के माध्यम से (Offline/Direct) फॉर्म भरी जा सकती है। 1. स्व-गणना (Self-Enumeration) – ऑनलाइन तरीका यह सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है। जनगणना के आधिकारिक पोर्टल पर लॉग-इन करें। अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके रजिस्टर करें। आपको एक OTP प्राप्त होगा। लॉग-इन करने के बाद, फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी (मकान और परिवार के सदस्यों के बारे में) सही-सही भरें। फॉर्म जमा करने के बाद, आपको स्क्रीन पर एक संदर्भ संख्या (Reference Number) दिखाई देगा। जब जनगणना कर्मी (Enumerator) आपके घर आएं तो उन्हें यह संदर्भ संख्या दिखा दें। वह आपकी जानकारी को सिस्टम में अपडेट कर देगा और आपको दोबारा लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। 2. प्रगणक के माध्यम से (Direct) ऑफलाइन तरीका अगर आप ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरते हैं तो सरकारी कर्मचारी आपके घर आएंगे। प्रगणक आपसे सवाल पूछेगा और जानकारी अपने मोबाइल ऐप या टैबलेट पर दर्ज करेगा। जनगणना के लिए आम तौर पर किसी दस्तावेज के प्रमाण की जरूरत नहीं होती, लेकिन सही जानकारी (जैसे जन्म तिथि, आधार नंबर आदि) पास रखना बेहतर रहता है। फॉर्म में पूछी जाने वाली मुख्य जानकारी फॉर्म भरते समय आपको निम्नलिखित विवरण तैयार रखने चाहिए। इनमें घर की जानकारी के तहत, घर की बनावट, कमरों की संख्या, पीने के पानी का स्रोत, बिजली और ईंधन का प्रकार शामिल हैं। व्यक्तिगत जानकारी के तहत- नाम, लिंग, जन्म तिथि, वैवाहिक स्थिति और धर्मकी जानकारी देनी होगी। शिक्षा और रोजगार से संबंधित जानकारी के तहत साक्षरता, शिक्षा का स्तर, पेशा और काम करने के घंटों का विवरण मांगा जाएगा। प्रवासन (Migration) की जानकारी के तहत जन्म स्थान और पिछले निवास स्थान की जानकारी टीम को देनी होगी। बिहार में 14 साल के लंबे इंतजार के बाद जनगणना-2027 के पहले चरण का शुभारंभ आज से हो गया है। समस्तीपुर में कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम रोशन कुशवाहा ने दीप जलाकर किया। इस मौके पर उन्होंने परिवार के लोगों की जानकारी पोर्टल पर भरकर अभियान की शुरुआत की। पहला चरण 17 अप्रैल से 1 मई तक चलेगा। पूरी तरह से डिजिटल मोड में किया जा रहा है। आम जनता खुद मोबाइल ऐप और ऑनलाइन माध्यम से स्वगणना कर सकेंगे। जो भी व्यक्ति निर्धारित समय पर स्वगणना नहीं कर सकेंगे, उनके लिए दूसरे चरण में 2 से 31 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर गणना करेंगे। महत्वपूर्ण कार्य के लिए 10 हजार कर्मियों को लगाया गया जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति गूगल पर जाकर Self-Enumeration लिखकर पोर्टल खोल सकते हैं। खुद और परिवार के बारे में पूरी जानकारी डालकर समिट कर सकते हैं। जनगणना- 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण-आवास गणना) अंतर्गत बिहार के अन्य जिलों के साथ ममस्तीपुर में भी स्वगणना (Self-Enumeration) का कार्य प्रारंभ हो गया है। कुल 10,000 कर्मियों को लगाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 20 पर्यवेक्षक और शहरी क्षेत्र में आठ पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। दो चरणों में होगी जनगणना मकान सूचीकरण (House Listing): इसमें घरों की स्थिति, सुविधाओं (जैसे पानी, बिजली, शौचालय) और संपत्तियों की जानकारी ली जाती है। जनसंख्या गणना (Population Enumeration): इसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत जानकारी (नाम, आयु, शिक्षा, धर्म, व्यवसाय आदि) भरी जाती है। फॉर्म भरने के तरीके आप दो में से किसी एक तरीके से अपना फॉर्म भर सकते हैं। पहला स्व-गणना (Self-Enumeration) है, जो ऑनलाइन भरी जाएगी। वहीं, दूसरा प्रगणक के माध्यम से (Offline/Direct) फॉर्म भरी जा सकती है। 1. स्व-गणना (Self-Enumeration) – ऑनलाइन तरीका यह सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है। जनगणना के आधिकारिक पोर्टल पर लॉग-इन करें। अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके रजिस्टर करें। आपको एक OTP प्राप्त होगा। लॉग-इन करने के बाद, फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी (मकान और परिवार के सदस्यों के बारे में) सही-सही भरें। फॉर्म जमा करने के बाद, आपको स्क्रीन पर एक संदर्भ संख्या (Reference Number) दिखाई देगा। जब जनगणना कर्मी (Enumerator) आपके घर आएं तो उन्हें यह संदर्भ संख्या दिखा दें। वह आपकी जानकारी को सिस्टम में अपडेट कर देगा और आपको दोबारा लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। 2. प्रगणक के माध्यम से (Direct) ऑफलाइन तरीका अगर आप ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरते हैं तो सरकारी कर्मचारी आपके घर आएंगे। प्रगणक आपसे सवाल पूछेगा और जानकारी अपने मोबाइल ऐप या टैबलेट पर दर्ज करेगा। जनगणना के लिए आम तौर पर किसी दस्तावेज के प्रमाण की जरूरत नहीं होती, लेकिन सही जानकारी (जैसे जन्म तिथि, आधार नंबर आदि) पास रखना बेहतर रहता है। फॉर्म में पूछी जाने वाली मुख्य जानकारी फॉर्म भरते समय आपको निम्नलिखित विवरण तैयार रखने चाहिए। इनमें घर की जानकारी के तहत, घर की बनावट, कमरों की संख्या, पीने के पानी का स्रोत, बिजली और ईंधन का प्रकार शामिल हैं। व्यक्तिगत जानकारी के तहत- नाम, लिंग, जन्म तिथि, वैवाहिक स्थिति और धर्मकी जानकारी देनी होगी। शिक्षा और रोजगार से संबंधित जानकारी के तहत साक्षरता, शिक्षा का स्तर, पेशा और काम करने के घंटों का विवरण मांगा जाएगा। प्रवासन (Migration) की जानकारी के तहत जन्म स्थान और पिछले निवास स्थान की जानकारी टीम को देनी होगी।


