मेरठ में पुलिस कार्यप्रणाली में लापरवाही पर एसएसपी अविनाश पांडेय ने सख्त कार्रवाई की है। जनसुनवाई की शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता और विवेचनाओं में लापरवाही पाए जाने पर बुधवार को दो चौकी प्रभारियों और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया। एक इंस्पेक्टर को भी चेतावनी दी गई है। एसएसपी अविनाश पांडेय ने बुधवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के थानों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लंबित शिकायतों और विवेचनाओं की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिसकर्मियों को जवाबदेही के साथ काम करना होगा। बैठक में कार्रवाई में देरी और निष्पक्ष जांच न होने की कई शिकायतें सामने आईं। एसएसपी ने वेदव्यासपुरी चौकी प्रभारी विस्मिता चौधरी को एक मारपीट मामले में आरोपियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में निलंबित कर दिया। कंकरखेड़ा क्षेत्र में विवेचना में लापरवाही पाए जाने पर चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह को भी निलंबित किया गया। सरधना थाने में तैनात कांस्टेबल दीपक कसाना को संदिग्ध गतिविधियों और एक गांजा तस्कर से नजदीकी के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। एसएसपी ने चेतावनी दी कि अपराधियों से सांठगांठ पाए जाने पर किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नौचंदी थाना क्षेत्र की शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई मिलने पर इंस्पेक्टर अनूप सिंह को फटकार लगाई गई और कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को जनसुनवाई की शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में मनमानी, लापरवाही और विवेचनाओं में अनियमितता बरतने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे पुलिसकर्मियों की गोपनीय जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


