जहानाबाद जिले के काको प्रखंड की पिंजौरा पंचायत में शुक्रवार को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। पंचायत कार्यालय स्थित मनरेगा भवन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मुखिया सुनील कुमार ने की। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों, वार्ड सदस्यों, स्वच्छता कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक करने की आवश्यकता बताई गई। इसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा और सैनिटरी वेस्ट को अलग-अलग रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कचरे के सही पृथक्करण से उसके निष्पादन और पुनर्चक्रण में सुविधा होती है, जिससे गांव का वातावरण स्वच्छ बना रहता है। ग्राम सभा में खुले में कचरा फेंकने और कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि खुले में कचरा फेंकने और जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, जिसका लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बैठक में उपभोक्ता शुल्क और बल्क वेस्ट जनरेटर व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। प्रभारी मुखिया सुनील कुमार ने कहा कि पंचायत को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सभी ग्रामीणों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाकर गांव को साफ-सुथरा रखने में सहयोग करें। यह कार्यक्रम जिला पंचायत राज पदाधिकारी के निर्देश पर आयोजित किया गया था। जहानाबाद जिले के काको प्रखंड की पिंजौरा पंचायत में शुक्रवार को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। पंचायत कार्यालय स्थित मनरेगा भवन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मुखिया सुनील कुमार ने की। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों, वार्ड सदस्यों, स्वच्छता कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक करने की आवश्यकता बताई गई। इसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा और सैनिटरी वेस्ट को अलग-अलग रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कचरे के सही पृथक्करण से उसके निष्पादन और पुनर्चक्रण में सुविधा होती है, जिससे गांव का वातावरण स्वच्छ बना रहता है। ग्राम सभा में खुले में कचरा फेंकने और कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि खुले में कचरा फेंकने और जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, जिसका लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बैठक में उपभोक्ता शुल्क और बल्क वेस्ट जनरेटर व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। प्रभारी मुखिया सुनील कुमार ने कहा कि पंचायत को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सभी ग्रामीणों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाकर गांव को साफ-सुथरा रखने में सहयोग करें। यह कार्यक्रम जिला पंचायत राज पदाधिकारी के निर्देश पर आयोजित किया गया था।


