First Smart City Of Shekhawati: शेखावाटी की ऐतिहासिक धरोहर मंडावा को अब आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए करीब 30 करोड़ रुपए के विकास कार्य प्रस्तावित किए हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत झुंझुनूं जिले का मंडावा कस्बा शेखावाटी की पहली स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होगा।
परियोजना के अंतर्गत मंडावा की प्रसिद्ध हवेलियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे पर्यटकों को नया और रोचक अनुभव मिलेगा। हवेलियों के बाहर साउंडेबल क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। पर्यटक कोड स्कैन करते ही संबंधित हवेली का इतिहास सुन सकेंगे। यह सुविधा पांच-छह भाषाओं में उपलब्ध होगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अपनी भाषा में जानकारी प्राप्त कर सकें। पूरी व्यवस्था एआई आधारित होगी, जिससे जानकारी सरल और आकर्षक तरीके से उपलब्ध होगी।
पुराने रंग-रूप में लौटेंगी हवेलियां
परियोजना के तहत हवेलियों के मूल स्वरूप को भी पुनर्स्थापित किया जाएगा। इसके लिए हवेली मालिकों से समन्वय कर पारंपरिक रंगों और शैली को फिर से जीवंत किया जाएगा। इससे मंडावा की ऐतिहासिक पहचान और अधिक निखरेगी।
टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर बनेगा
पर्यटकों की सुविधा के लिए मंडावा में आधुनिक टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। यहां स्थानीय दर्शनीय स्थलों, ठहरने की व्यवस्था, गाइड और अन्य सुविधाओं की समग्र जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
PPP मोड पर बनेगी फिल्म सिटी
मंडावा को फिल्म सिटी के रूप में विकसित करने की भी योजना है। पीपीपी मोड पर प्रस्तावित इस फिल्म सिटी से क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। मंडावा पहले से ही फिल्म शूटिंग के लिए पसंदीदा लोकेशन रहा है। यहां ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘पीके’ सहित कई फिल्मों, म्यूजिक वीडियो व विज्ञापनों की शूटिंग हो चुकी है। फिल्म सिटी बनने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन को भी गति मिलेगी।
कल होगी अहम बैठक
परियोजना को लेकर गुरुवार को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक प्रस्तावित है। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होकर योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे और कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मंडावा को शेखावाटी की पहली स्मार्ट सिटी बनाने की योजना है। इसके तहत करीब 30 करोड़ रुपए के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। साथ ही पीपीपी मोड पर फिल्म सिटी स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।
- नरेंद्र गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्मार्ट सिटी, जयपुर


