बिहार में शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों में अधिकारियों की कमी को लेकर शिक्षक संघ ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोपगुट) की सेवानिवृत्त उप समिति ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव विनोद सिंह गुंजियाल को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि कई जिलों में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहा असर संघ के राज्य अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने से विद्यालयों की निगरानी, विभिन्न योजनाओं का संचालन और शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त प्रभार के सहारे विभाग चलाने से एक अधिकारी पर कई जिलों और पदों की जिम्मेदारी आ गई है, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है। कनिष्ठ अधिकारियों की तैनाती पर जताई नाराजगी शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि वरीयता सूची की अनदेखी कर कनिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। इससे विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ रहा है। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के कार्यालयों में बिचौलियों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। स्थायी पदस्थापन की मांग शिक्षक संघ ने मांग की है कि बिहार शिक्षा सेवा के वरीय अधिकारियों को नियमों के अनुसार जिला स्तर पर स्थायी पदस्थापन दिया जाए, ताकि विभागीय कार्यों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। बिहार में शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों में अधिकारियों की कमी को लेकर शिक्षक संघ ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोपगुट) की सेवानिवृत्त उप समिति ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव विनोद सिंह गुंजियाल को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि कई जिलों में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहा असर संघ के राज्य अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने से विद्यालयों की निगरानी, विभिन्न योजनाओं का संचालन और शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त प्रभार के सहारे विभाग चलाने से एक अधिकारी पर कई जिलों और पदों की जिम्मेदारी आ गई है, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है। कनिष्ठ अधिकारियों की तैनाती पर जताई नाराजगी शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि वरीयता सूची की अनदेखी कर कनिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। इससे विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ रहा है। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के कार्यालयों में बिचौलियों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। स्थायी पदस्थापन की मांग शिक्षक संघ ने मांग की है कि बिहार शिक्षा सेवा के वरीय अधिकारियों को नियमों के अनुसार जिला स्तर पर स्थायी पदस्थापन दिया जाए, ताकि विभागीय कार्यों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और विकास आयुक्त को भी भेजी गई है।


