छत्तीसगढ़ में चौंकाने वाला मामला! ‘मैं जिंदा हूं’ साबित करने के लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रही महिला

छत्तीसगढ़ में चौंकाने वाला मामला! ‘मैं जिंदा हूं’ साबित करने के लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रही महिला

Living Woman Declared Dead: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा नगर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला अपने आप को जीवित साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते सरकारी रिकॉर्ड में महिला को मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद वह कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो गई है। अब महिला अपनी तीन बेटियों के साथ आर्थिक संकट से जूझ रही है।

Living Woman Declared Dead: पति की मौत के बाद बढ़ीं मुश्किलें

चारामा निवासी हलीमा बानो ने बताया कि वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में उनके पति कादर खान की मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद से ही परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। मजदूरी कर किसी तरह वह अपनी तीन बेटियों का पालन-पोषण कर रही हैं।

लेकिन हाल ही में जब उन्होंने राशन कार्ड और महतारी वंदन योजना के लिए केवाईसी कराने की कोशिश की, तब उन्हें पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें भी मृत घोषित कर दिया गया है। इसके कारण उनका आधार कार्ड निष्क्रिय हो गया और कई जरूरी सरकारी सुविधाएं बंद हो गईं।

Living Woman Declared Dead

बंद हो गया योजनाओं का लाभ

दस्तावेजों में मृत दर्ज होने के कारण हलीमा बानो को महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली हर महीने की 1000 रुपये की सहायता राशि बंद हो गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके लिए स्वीकृत मकान भी अधूरा पड़ा है, क्योंकि योजना की अगली किस्त जारी नहीं हो पा रही। आर्थिक तंगी इतनी बढ़ गई है कि अब महिला अपनी बेटियों के साथ किराए के मकान में रहने को मजबूर है, जहां हर महीने करीब 3 हजार रुपये किराया देना पड़ता है।

Kanker Woman Declared Dead: दफ्तर-दफ्तर भटक रही महिला

हलीमा बानो का कहना है कि वह पिछले कई दिनों से अपनी समस्या लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि कागजों में मृत घोषित होने के कारण उनका जीवन और मुश्किल हो गया है।

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प्रशासन ने दिया आश्वासन

मामले के सामने आने के बाद नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि प्रशासन को कुछ दिन पहले ही इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और संभवतः अगले 15 दिनों के भीतर महिला की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। यह मामला सरकारी रिकॉर्ड में होने वाली गंभीर त्रुटियों और उनके आम लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाले असर को उजागर करता है।

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