Toilet Use Karne Ka Sahi Tarika: यूटीआई (UTI) जैसी बीमारियों से बचने के लिए साफ टॉयलेट का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी होता है। आज के समय में इसलिए लोग अपने टॉयलेट को साफ रखने की कोशिश भी करते हैं, लेकिन फिर भी लोग बीमार पड़ रहे हैं। इसकी वजह गंदा टॉयलेट नहीं, बल्कि गलत तरीके से इसे इस्तेमाल करना है।
दरअसल, आजकल टॉयलेट और बाथरूम एक साथ बनाए जाते हैं। ऐसे में बिना ढक्कन बंद किए फ्लश करने से कीटाणु ब्रश और अन्य चीजों पर चले जाते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं बीमारियों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करें (Close the lid before flushing)
बिना ढक्कन बंद किए फ्लश करने से पानी के तेज बहाव से बारीक बूंदें हवा में उछलकर पूरे बाथरूम में फैल जाती हैं। ये बूंदें टूथब्रश, तौलिये और फर्श पर जम सकती हैं। फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करना एक रुकावट की तरह काम करता है और गंदगी को बाहर फैलने से रोकता है।
टॉयलेट की नियमित सफाई (Clean the toilet bowl regularly)
सिर्फ ढक्कन बंद करना ही काफी नहीं है, टॉयलेट को अंदर से साफ रखना भी उतना ही जरूरी है। समय-समय पर सफाई करने से कीटाणु और दाग-धब्बे जमा नहीं हो पाते। इससे इन्फेक्शन का खतरा कम हो जाता है और बाथरूम से बदबू भी नहीं आती।
हाथ धोना है बेहद जरूरी (Proper hand washing)
टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। आप चाहे जितनी भी सावधानी बरतें, जर्म्स हाथों के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं।
सामानों को रखें दूर (Keep personal belongings out of reach)
अक्सर लोग टूथब्रश, साबुन या चेहरे पर लगाने वाली चीजें टॉयलेट पॉट के पास ही रख देते हैं। फ्लश करते वक्त उड़ने वाली बारीक बूंदें इन चीजों पर बैठ सकती हैं। इसलिए कोशिश करें कि अपने पर्सनल इस्तेमाल की चीजों को टॉयलेट से दूरी पर रखें।
वेंटिलेशन का ध्यान रखें (Maintain adequate ventilation)
बाथरूम में सही वेंटिलेशन होना जरूरी है ताकि नमी कम रहे। नमी कम होने से बैक्टीरिया ज्यादा नहीं पनपते और गंदी बदबू भी दूर हो जाती है। इसके लिए आप खिड़की खुली रख सकते हैं या एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल कर सकते हैं।


