Share Market Closed: भारतीय शेयर बाजार ने आज के कारोबारी सत्र में यू-टर्न लिया। सुबह से ही बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा लेकिन दोपहर के बाद बाजार ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि निवेशकों के चेहरे खिल गए। BSE पर सेंसेक्स में 940 अंक यानी 1.20 फीसदी की तेजी आई और यह 77,958 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, NSE पर निफ्टी50 ने भी 300 अंकों की छलांग लगाकर 24,300 का आंकड़ा पार किया।
6 लाख करोड़ बढ़ी संपत्ति
बाजार में आई इस तेजी से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर 473 लाख करोड़ रुपये हो गया। महज कुछ घंटों के भीतर ही निवेशकों की संपत्ति में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
BSE सेंसेक्स पर आज के टॉप गेनर्स की लिस्ट में InterGlobe ने सबसे ज्यादा बढ़त बनाई। यह करीब 6.65 फीसदी ऊपर रहा। इसके अलावा Trent और Asian Paints में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन शेयरों में 3 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज हुई।
| क्रमांक | कंपनी का नाम | वर्तमान कीमत (₹) | कीमत में बदलाव (₹) | % बदलाव |
|---|---|---|---|---|
| 1 | InterGlobe | 4,520 | +282.00 | +6.65% |
| 2 | Trent | 4,290 | +154.00 | +3.74% |
| 3 | Asian Paints | 2,519 | +89.00 | +3.67% |
| 4 | SBI | 1,096 | +36.10 | +3.41% |
| 5 | HDFC Bank | 796.55 | +24.30 | +3.14% |
इन शेयरों में रही तेज हलचल
विमानन कंपनी ‘इंडिगो’ (IndiGo) के शेयर 7 फीसदी तक उछल गए। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक और एसबीआई जैसे दिग्गज शेयरों में 3-4 फीसदी की तेजी रही। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2 फीसदी की शानदार बढ़त दर्ज की गई।
क्यों आई बाजार में अचानक तेजी?
इस बड़ी रिकवरी के पीछे सबसे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होने की खबर रही। ‘एक्सियोस’ (Axios) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर सहमति बनती दिख रही है। व्हाइट हाउस को उम्मीद है कि जल्द ही दोनों देशों के बीच शांति के लिए एक एमओयू (MoU) साइन हो सकता है। इस खबर ने वैश्विक बाजार के साथ-साथ भारतीय बाजार में भी रौनक लाने का काम किया है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
शांति वार्ता की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी गई। ब्रेंट क्रूड 5 फीसदी टूटकर 104 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 6 फीसदी गिरकर 96 डॉलर पर पहुंच गया। भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, तेल का सस्ता होना इकोनॉमी और शेयर बाजार के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर है।


