नागपुर। नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने बागी उम्मीदवार नितेश कराले (गुरुजी) को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। कराले पर महाविकास अघाड़ी के आधिकारिक उम्मीदवार अभिजीत वंजारी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने और मतदाताओं के बीच शरदचंद्र पवार का समर्थन मिलने को लेकर भ्रम पैदा करने का आरोप है। पार्टी के महासचिव रविंद्र पवार ने गुरुवार को इस संबंध में पत्र जारी किया।
शरद पवार ने वंजारी को समर्थन दिया
इसमें कहा गया है कि नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत गोविंदराव वंजारी महाविकास अघाड़ी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने भी वंजारी को समर्थन दिया है। ऐसे में अघाड़ी के उम्मीदवार की जीत के लिए काम करना पार्टी की जिम्मेदारी है। पार्टी के अनुसार, नितेश कराले ने पार्टी के फैसले के खिलाफ जाकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया और अपनी उम्मीदवारी कायम रखी। इसे पार्टी अनुशासन और महाविकास अघाड़ी के फैसले का उल्लंघन माना गया है।
वरिष्ठ नेतृत्व ने कार्रवाई के निर्देश दिए
पार्टी को यह शिकायतें भी मिली थीं कि कराले मतदाताओं के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार का समर्थन मिलने को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। इन शिकायतों के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके आधार पर कराले को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया गया। पिछले कुछ दिनों से कराले चुनाव प्रचार में अपनी अलग भूमिका रख रहे थे। उनकी निर्दलीय उम्मीदवारी से महाविकास अघाड़ी के आधिकारिक उम्मीदवार के सामने चुनौती मानी जा रही थी। अब मतदान से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई का चुनाव पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना होगा।
दूसरी बार लड़ रहे चुनाव
नितेश कराले (गुरुजी) इस निर्वाचन क्षेत्र से दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। वर्ष 2020 में भी उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। उस समय उन्हें 6,889 वोट मिले थे। वे ‘खदखद सर’ के नाम से भी पहचाने जाते हैं। इस बार भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में डटे रहने के कारण उन्हें पार्टी से निष्कासन का सामना करना पड़ा है। बता दें कि नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी।

