वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक रिसर्च में गहरे ध्यान के बारे में बड़ा खुलासा किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार सिर्फ 7 दिनों के गहरे ध्यान से दिमाग और शरीर में असल बदलाव आ सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की रिसर्च में 20 लोगों से एक हफ्ते तक मेडिटेशन, माइंड-बॉडी तकनीकें और ग्रुप एक्टिविटी कराई गईं। लोगों ने पूरे हफ्ते में लगभग 33 घंटे गहरा ध्यान किया। वैज्ञानिकों ने इनके दिमाग को स्कैन किया और खून की जांच भी की। रिपोर्ट में पता चला कि दिमाग के उन हिस्सों की एक्टिविटी कम हो गई, जो लगातार सोचते रहते हैं। यह शांत और असरदार तरीके से काम करने लगा।
खून में भी बदलाव
वैज्ञानिकों की रिसर्च के अनुसार सात दिन के गहरे ध्यान से खून में भी बदलाव देखने को मिला है। गहरे ध्यान से खून में ऐसे बदलाव भी देखे गए जो नए न्यूरॉन्स बनने और उनके बीच बेहतर कनेक्शन बनाने में मदद करते हैं।
शरीर की ऊर्जा क्षमता हुई बेहतर
गहरे ध्यान से शरीर की ऊर्जा इस्तेमाल करने की क्षमता बेहतर हुई और प्राकृतिक दर्द कम करने वाले केमिकल (एंडोजेनस ओपिओइड्स) का स्तर भी बढ़ गया। इस रिसर्च में दिलचस्प बात यह रही कि गहरे ध्यान से इम्यूनिटी सिस्टम में भी संतुलन देखा गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिर्फ तनाव कम करने की बात नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि हमारा ध्यान, सोच और अनुभव हमारे शरीर और दिमाग को गहराई से बदल सकते हैं।
प्रतिभागियों ने किए अनोखे अनुभव
वैज्ञानिकों ने कहा कि अब यह पता लगाया जाएगा कि क्या यह तरीका मानसिक बीमारियों, क्रॉनिक दर्द या इम्यून समस्याओं में मददगार हो सकता है। जिन प्रतिभागियों ने ध्यान के दौरान गहरे अनुभव महसूस किए उनके दिमाग में अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी ज़्यादा मज़बूत हो गई।


