गयाजी सेंट्रल जेल में रात 2 बजे रेड:पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे SDM, शेरघाटी में भी बैरक और वार्ड की तलाशी

गयाजी सेंट्रल जेल में रात 2 बजे रेड:पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे SDM, शेरघाटी में भी बैरक और वार्ड की तलाशी

बिहार में नई सरकार बनते ही गयाजी पुलिस एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार आधी रात करीब 2 बजे के बाद सेंट्रल जेल में छापेमारी हुई है। एसडीएम अनिल कुमार रमन के नेतृत्व में पुलिस टीम जेल पहुंची। एक साथ सभी वार्ड को घेरा गया। हर कोने की तलाशी ली गई। सेंट्रल जेल में कुल 28 वार्ड है। खास बात यह रही कि सभी वार्ड की जांच एक ही समय पर शुरू की गई। किसी को भनक तक नहीं लगी। टीम ने कैदियों के बैरक, सामान और आसपास की हर चीज को खंगाला। लंबी जांच के बाद भी कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल के अंदर देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। शेरघाटी में भी रेड इसके अलावा शेरघाटी उपकारागार में भी छापेमारी की गई। एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाया। हर बैरक और वार्ड को बारीकी से चेक किया गया। लेकिन यहां भी कोई संदिग्ध सामान हाथ नहीं लगा। भले ही इस रेड में कुछ बरामद नहीं हुआ, लेकिन अचानक बदले समय पर हुई इस छापेमारी ने कैदियों के साथ-साथ जेल कर्मियों को भी सतर्क कर दिया है। एसडीएम अनिल कुमार रमन ने बताया कि छापेमारी पूरी तरह योजनाबद्ध थी। आधी रात का समय इसलिए चुना गया ताकि किसी तरह की गतिविधि छिपाई न जा सके। दोनों जेलों में एक साथ कार्रवाई की गई। बिहार में नई सरकार बनते ही गयाजी पुलिस एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार आधी रात करीब 2 बजे के बाद सेंट्रल जेल में छापेमारी हुई है। एसडीएम अनिल कुमार रमन के नेतृत्व में पुलिस टीम जेल पहुंची। एक साथ सभी वार्ड को घेरा गया। हर कोने की तलाशी ली गई। सेंट्रल जेल में कुल 28 वार्ड है। खास बात यह रही कि सभी वार्ड की जांच एक ही समय पर शुरू की गई। किसी को भनक तक नहीं लगी। टीम ने कैदियों के बैरक, सामान और आसपास की हर चीज को खंगाला। लंबी जांच के बाद भी कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल के अंदर देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। शेरघाटी में भी रेड इसके अलावा शेरघाटी उपकारागार में भी छापेमारी की गई। एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाया। हर बैरक और वार्ड को बारीकी से चेक किया गया। लेकिन यहां भी कोई संदिग्ध सामान हाथ नहीं लगा। भले ही इस रेड में कुछ बरामद नहीं हुआ, लेकिन अचानक बदले समय पर हुई इस छापेमारी ने कैदियों के साथ-साथ जेल कर्मियों को भी सतर्क कर दिया है। एसडीएम अनिल कुमार रमन ने बताया कि छापेमारी पूरी तरह योजनाबद्ध थी। आधी रात का समय इसलिए चुना गया ताकि किसी तरह की गतिविधि छिपाई न जा सके। दोनों जेलों में एक साथ कार्रवाई की गई।  

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