औरंगाबाद में 8वीं तक के स्कूल बंद, पारा 42°C पहुंचा:क्लास 9 से 12वीं तक सुबह 11:30 बजे तक ही पढ़ाई होगी; सदर अस्पताल में 35 बेड रिजर्व

औरंगाबाद में 8वीं तक के स्कूल बंद, पारा 42°C पहुंचा:क्लास 9 से 12वीं तक सुबह 11:30 बजे तक ही पढ़ाई होगी; सदर अस्पताल में 35 बेड रिजर्व

औरंगाबाद में गर्मी से हाल बेहाल है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। तेज धूप के चलते लोगों का घर से निकला मुश्किल है। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसको देखते हुए जिला अधिकारी अभिलाषा शर्मा ने बड़ा फैसला लिया है। भीषण गर्मी के चलते जिले में 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए। आदेश के अनुसार सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8वीं तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। जबकि क्लास 9वीं से 13वीं तक सुबह 11:30 बजे तक ही पढ़ाई होगी। यह आदेश 22 मई 2026 से 27 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। अलर्ट मोड में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग वहीं, हीटवेव को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड में हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सदर अस्पताल में लू से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष तैयारी की गई है। अस्पताल में 35 बेड अलग से आरक्षित किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि दोपहर के समय अत्यधिक जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। आम जनता से जिला प्रशासन की अपील भीषण गर्मी और लू को देखते हुए आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि दोपहर के समय अत्यधिक जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के एवं सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर को ढंकने की सलाह दी है। तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए छाता, गमछा या टोपी का उपयोग करने की अपील की गई है। बच्चों को अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न भेजें। साथ ही लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में संपर्क करने को कहा गया है। औरंगाबाद में गर्मी से हाल बेहाल है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। तेज धूप के चलते लोगों का घर से निकला मुश्किल है। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसको देखते हुए जिला अधिकारी अभिलाषा शर्मा ने बड़ा फैसला लिया है। भीषण गर्मी के चलते जिले में 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए। आदेश के अनुसार सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8वीं तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। जबकि क्लास 9वीं से 13वीं तक सुबह 11:30 बजे तक ही पढ़ाई होगी। यह आदेश 22 मई 2026 से 27 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। अलर्ट मोड में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग वहीं, हीटवेव को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड में हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सदर अस्पताल में लू से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष तैयारी की गई है। अस्पताल में 35 बेड अलग से आरक्षित किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि दोपहर के समय अत्यधिक जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। आम जनता से जिला प्रशासन की अपील भीषण गर्मी और लू को देखते हुए आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि दोपहर के समय अत्यधिक जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के एवं सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर को ढंकने की सलाह दी है। तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए छाता, गमछा या टोपी का उपयोग करने की अपील की गई है। बच्चों को अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न भेजें। साथ ही लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में संपर्क करने को कहा गया है।  

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