उड़िया भाषा के प्रसिद्ध कवि डॉ. आशुतोष परिदा को उत्कृष्ट साहित्यिक उपलब्धि के लिए रविवार को 47वें ‘सरला पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार विख्यात गीतकार, कवि और उपन्यासकार आर वैरामुथु द्वारा प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत परिडा को एक ताम्रपत्र, प्रशस्ति पत्र और सात लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की गई।
परिदा को यह सम्मान ‘परभा प्रकाशन’ द्वारा प्रकाशित उनके प्रशंसित कविता संग्रह ‘विश्वास दे पृथ्वी’ के लिए दिया गया। इस अवसर पर, वर्ष 2025 के पद्मश्री प्राप्तकर्ता एवं शास्त्रीय ओडिसी नर्तक गुरु दुर्गा चरण रणबीर और मूर्तिकार व कला शिक्षक दामोदर बेहरा को ‘इला-बंशीधर पांडा कला सम्मान’ से सम्मानित किया गया। दोनों कलाकारों में से प्रत्येक को एक प्रशस्ति पत्र, एक ताम्रपत्र और 2.5 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई।
डॉ. बंशीधर पांडा और श्रीमती इला पांडा द्वारा 1974 में स्थापित आईएमपीएसीटी संस्था सरला पुरस्कार (1980 में शुरू), इला-बंशीधर पांडा कला सम्मान और खेल के क्षेत्र में ‘एकलव्य पुरस्कार’ के माध्यम से उड़िया साहित्य व कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

