संभल में कथित तौर पर राजनीतिक लाभ के लिए भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में पुलिस की रिपोर्ट पर नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय ने चार लोगों को तीन अक्टूबर को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि नोटिस पाने वालों में शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली, समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता शकील अहमद शामिल हैं।
नगर मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस रिपोर्ट के आधार पर चारों लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126/135 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोतवाली और थाना नखासा की आख्या रिपोर्ट पर भाजपा नेता राजेश सिंघल (निवासी कोट पूर्वी), दीपा सराय निवासी ममलूकुर्रहमान बर्क, रुकनुद्दीन सराय निवासी शकील अहमद, अशर्फी चौराहा और शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जफर अली को तीन अक्टूबर को न्यायालय में तलब किया गया है। अधिकारियों के अनुसार आरोप है कि जफर अली ने राजनीतिक लाभ के लिए सोशल मीडिया पर भड़काऊ और अनावश्यक भाषण देकर दो समुदायों के बीच शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की।
प्रशासन के अनुसार पूर्व में भी उनके बयानों से शांति भंग हुई थी और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनको जेल भेजा जा चुका है। नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी नोटिस में चारों से पूछा गया है कि छह माह तक शांति बनाए रखने के लिए उनसे 20,000 रुपये की जमानत या इतनी ही राशि का निजी मुचलका क्यों न भरवाया जाए। गौरतलब है कि बीते बुधवार को तहसील संभल के थाना हजरत नगर गढ़ी क्षेत्र के गांव रहटौल में रामलीला मंच से संबोधन में भाजपा नेता राजेश सिंघल ने कहा था, ‘‘संभल में हरिहर मंदिर पर चढ़ाई करने जाओगे तो गोली नहीं चलेगी, योगी सरकार पुष्प वर्षा करेगी।
अब संभल की धरती पर मस्जिद नहीं, मंदिर बनेंगे।”
इस बयान के बाद सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने औकात दिखाने की धमकी दी, जबकि एआईएमआईएम नेता शकील अहमद ने कड़ी आपत्ति जताई। बयानबाजी से माहौल गरमाने पर पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।

