कानपुर में रविवार को ‘सेफ वॉइसेज, स्ट्रॉन्ग फ्यूचर्स’ अभियान के तहत रविवार को कानपुर में युवाओं एवं LGBTQI+ समुदाय के लिए मानसिक स्वास्थ्य, यौन एवं लैंगिक आधार पर हिंसा (SGBV) और सुरक्षित संबंधों को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। आयोजन YouthForSAMAJ Fellow अनुज पांडेय की ओर से किया गया। कार्यशाला में SGBV के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव, भावनात्मक तनाव, संकट की स्थिति में सहायता, आत्महत्या रोकथाम, स्वस्थ संबंध, सहमति एवं व्यक्तिगत सीमाएं, सुरक्षित डेटिंग ऐप और ऑनलाइन सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और अपने विचार साझा किए। कानून के स्नातक एवं एमए मनोविज्ञान के अंतिम वर्ष के छात्र भारतेन्दु विमल दुबे ने मानसिक स्वास्थ्य, संकट सहायता और आत्महत्या रोकथाम से जुड़े विषयों पर संवाद किया। वहीं SGBV विशेषज्ञ प्रतिमा गौतम ने यौन एवं लैंगिक आधार पर हिंसा, कानूनी अधिकार और न्याय तक पहुंच से संबंधित जानकारी दी। अनुज पांडेय ने कहा कि युवाओं और LGBTQI+ समुदाय के बीच मानसिक स्वास्थ्य, सहमति, सुरक्षित संबंधों और हिंसा जैसे मुद्दों पर खुलकर बातचीत जरूरी है। उन्होंने कहा कि SGBV का असर शारीरिक स्तर के साथ मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य युवाओं और LGBTQI+ समुदाय के लिए ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, जहां लोग बिना डर अपनी बात रख सकें, अनुभव साझा कर सकें और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। उन्होंने युवाओं को अपने अधिकारों, सहमति, व्यक्तिगत सीमाओं, डिजिटल सुरक्षा और उपलब्ध सहायता प्रणालियों की जानकारी रखने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में कानपुर क्वीर वेलफेयर फाउंडेशन के सह-संस्थापक अहसान अंसारी, सदस्य कोमल वर्मा और वाणी सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

