समस्तीपुर रेल मंडल को मिली 140 टन की डीएचबीडी क्रेन:टेस्टिंग टीम ने किया सफल परीक्षण, ट्रेन हादसों में मददगार साबित होगी अत्याधुनिक गॉटवाल्ड क्रेन

समस्तीपुर रेल मंडल को मिली 140 टन की डीएचबीडी क्रेन:टेस्टिंग टीम ने किया सफल परीक्षण, ट्रेन हादसों में मददगार साबित होगी अत्याधुनिक गॉटवाल्ड क्रेन

समस्तीपुर रेलवे मंडल को 140 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक गॉटवाल्ड डीएचबीडी क्रेन मिला है। क्रेन का कमीशन कर परिचालन के लिए तैयार कर लिया गया है। ये कार्य जमालपुर की विशेषज्ञ टीम एवं समस्तीपुर के तकनीकी कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास से पूरा किया गया। इस दौरान क्रेन की सभी प्रमुख सिस्टम, मुख्य एवं सहायक इंजन का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक निरीक्षण में पाई गई मामूली हाइड्रोलिक एवं न्यूमैटिक लीकेज को ठीक कर लिया गया और क्रेन की उचित पोजिशनिंग सुनिश्चित की गई। मैच ट्रक को उठाने एवं 180 डिग्री तक घुमाने का सफल परीक्षण ट्रायल संचालन के तहत मैच ट्रक को उठाने एवं 180 डिग्री तक घुमाने (स्ल्यूइंग) का सफल परीक्षण किया गया। साथ ही, इंजन की जांच, वायर रोप की सफाई एवं ग्रीसिंग जैसे आवश्यक मेंटेनेंस कार्य क्यूमिन्स के तकनीकी सहयोग से पूरा किया गया। रेलवे के मीडिया प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि क्रेन में स्थापित एसएलआई प्रणाली, जिसे HMM हाइटेक की ओर से विकसित किया गया है। मंडल में किए गए अंतिम लोड ट्रायल में क्रेन ने 38.03 टन वजन वाले आईसी कोच को सफलतापूर्वक उठाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसके बाद इसे संचालन के लिए पूरी तरह उपयुक्त घोषित किया गया। भारतीय रेल में भारी दुर्घटना राहत कार्यों के लिए क्रेन का यूज उन्होंने कहा कि गॉटवाल्ड डीएचबीडी क्रेन भारतीय रेल में भारी दुर्घटना राहत कार्यों के लिए प्रयोग की जाने वाली एक अत्याधुनिक और विश्वसनीय मशीन है। इस प्रकार की उच्च क्षमता वाली क्रेनें पूर्व में भी बड़े रेल हादसों में त्वरित राहत एवं बहाली कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। इसकी उन्नत तकनीक, उच्च उठान क्षमता (Heavy Load Capacity) एवं सटीक नियंत्रण प्रणाली इसे रेलवे के लिए एक अमूल्य संपत्ति बनाती है। उन्होने कहा कि इस क्रेन के समस्तीपुर मंडल में दुर्घटना के समय राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी, जिससे ट्रेनों के परिचालन को शीघ्र बहाल किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, भारी कोचों एवं वैगनों के रखरखाव तथा डिरेलमेंट की स्थिति में त्वरित कार्य होगा। समस्तीपुर रेलवे मंडल को 140 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक गॉटवाल्ड डीएचबीडी क्रेन मिला है। क्रेन का कमीशन कर परिचालन के लिए तैयार कर लिया गया है। ये कार्य जमालपुर की विशेषज्ञ टीम एवं समस्तीपुर के तकनीकी कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास से पूरा किया गया। इस दौरान क्रेन की सभी प्रमुख सिस्टम, मुख्य एवं सहायक इंजन का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक निरीक्षण में पाई गई मामूली हाइड्रोलिक एवं न्यूमैटिक लीकेज को ठीक कर लिया गया और क्रेन की उचित पोजिशनिंग सुनिश्चित की गई। मैच ट्रक को उठाने एवं 180 डिग्री तक घुमाने का सफल परीक्षण ट्रायल संचालन के तहत मैच ट्रक को उठाने एवं 180 डिग्री तक घुमाने (स्ल्यूइंग) का सफल परीक्षण किया गया। साथ ही, इंजन की जांच, वायर रोप की सफाई एवं ग्रीसिंग जैसे आवश्यक मेंटेनेंस कार्य क्यूमिन्स के तकनीकी सहयोग से पूरा किया गया। रेलवे के मीडिया प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि क्रेन में स्थापित एसएलआई प्रणाली, जिसे HMM हाइटेक की ओर से विकसित किया गया है। मंडल में किए गए अंतिम लोड ट्रायल में क्रेन ने 38.03 टन वजन वाले आईसी कोच को सफलतापूर्वक उठाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसके बाद इसे संचालन के लिए पूरी तरह उपयुक्त घोषित किया गया। भारतीय रेल में भारी दुर्घटना राहत कार्यों के लिए क्रेन का यूज उन्होंने कहा कि गॉटवाल्ड डीएचबीडी क्रेन भारतीय रेल में भारी दुर्घटना राहत कार्यों के लिए प्रयोग की जाने वाली एक अत्याधुनिक और विश्वसनीय मशीन है। इस प्रकार की उच्च क्षमता वाली क्रेनें पूर्व में भी बड़े रेल हादसों में त्वरित राहत एवं बहाली कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। इसकी उन्नत तकनीक, उच्च उठान क्षमता (Heavy Load Capacity) एवं सटीक नियंत्रण प्रणाली इसे रेलवे के लिए एक अमूल्य संपत्ति बनाती है। उन्होने कहा कि इस क्रेन के समस्तीपुर मंडल में दुर्घटना के समय राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी, जिससे ट्रेनों के परिचालन को शीघ्र बहाल किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, भारी कोचों एवं वैगनों के रखरखाव तथा डिरेलमेंट की स्थिति में त्वरित कार्य होगा।  

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