बांदा में जनगणना प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले 17 शिक्षकों, अनुदेशकों और शिक्षामित्रों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अव्यक्तराम तिवारी ने इन सभी का एक दिन का वेतन और मानदेय रोक दिया है। यह कार्रवाई 20 से 22 अप्रैल तक आयोजित तीन दिवसीय प्रगणक व सुपरवाइजर प्रशिक्षण से उनकी गैरहाजिरी के बाद की गई। अतर्रा तहसीलदार ने बीएसए को प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की सूची भेजी थी। सूची में बताया गया कि एचआईसी अतर्रा में 22 अप्रैल को बड़ी संख्या में प्रगणक व सुपरवाइजर अनुपस्थित पाए गए। 22 अप्रैल को अनुपस्थित रहने वालों में प्राथमिक विद्यालय खुरहंड की प्रधानाध्यापक मंजू गुप्ता और शिक्षिका रूबी राजपूत, जगन्नाथ के पुरवा की शिक्षामित्र मीना देवी, महुआ भाग दो की नसरीम, गिरधारी पुरवा की शिक्षिका प्रीती सोनकर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उच्च प्राथमिक विद्यालय महुआ की शिक्षिका रिचा शुक्ला, अनुदेशक सरिता निर्मल, ज्योति अवस्थी और शिक्षिका शशि साहू, भग्गू का पुरवा की शिक्षिका पूजा देवी, प्राथमिक विद्यालय कुचबंधिया कॉलोनी की शिक्षिका स्वप्ना त्रिपाठी और गरबा पुरवा के प्रधानाध्यापक अमरनाथ सिंह भी अनुपस्थित रहे। इसी क्रम में, 25 अप्रैल के प्रशिक्षण में उच्च प्राथमिक विद्यालय बरेहंडा कंपोजिट की शिक्षिका आशा देवी कुशवाहा, ढूंढा पुरवा कंपोजिट की शिक्षिका श्रेया श्रीवास्तव, नगवारा कंपोजिट की शिक्षिका निधि देवी, शंकर पुरवा कंपोजिट की शिक्षिका रंजना और प्राथमिक विद्यालय सियाराम का पुरवा पुनाहुर के शिक्षक पीयूष कुमार भी अनुपस्थित पाए गए। बीएसए अव्यक्तराम तिवारी ने चेतावनी दी है कि यदि ये कर्मचारी आगे भी प्रशिक्षण में शामिल नहीं होते हैं, तो उन पर जनगणना अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


