ई-फार्मेसी को लेकर सहरसा के दवा व्यवसायी का विरोध:जिले की 900 दुकानें बंद, इमरजेंसी के लिए सिर्फ 2 खुलीं

ई-फार्मेसी को लेकर सहरसा के दवा व्यवसायी का विरोध:जिले की 900 दुकानें बंद, इमरजेंसी के लिए सिर्फ 2 खुलीं

सहरसा में ऑनलाइन दवाओं की अवैध बिक्री और बड़े कॉरपोरेट घरानों की मनमानी के खिलाफ सहरसा जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले भर की दवा दुकानें बंद रहीं। इस देशव्यापी हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखा गया, जिससे सामान्य मरीजों को काफी असुविधा हुई। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राघव सिंह के अनुसार, जिले की कुल 900 दवा दुकाने है जिसमे प्रखंड मे एक और जिला मुख्यालय मे इमरजेंसी के लिए दो दुकाने खुली रहेगी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की दवा दुकानों के शटर गिरे रहने से बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। अवैध संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की दवा व्यवसायियों संघ के संयुक्त सचिव आशीष टिंकू ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए ई-फार्मेसी के अवैध संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। मरीजों की सुरक्षा और अति-आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एसोसिएशन ने मानवीय आधार पर कुछ दुकानों को खुला रखने का निर्णय लिया। इमरजेंसी सेवाओं के लिए दुकाने खुली रखी गईं, ताकि गंभीर स्थिति में लोगों को दवाएं मिल सकें। सहरसा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राघव प्रसाद सिंह और सचिव हरिनंदन प्रसाद यादव ने बताया कि ई-फार्मेसी के कारण न केवल छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं का अस्तित्व खतरे में है, बल्कि यह जन स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा जोखिम है। आंदोलन को और भी उग्र रूप देने की चेतावनी उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री, नकली दवाओं का बढ़ता खतरा और एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं समाज के लिए घातक साबित हो रही हैं। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में ई-फार्मेसी के अवैध संचालन पर पूर्ण रोक लगाना, बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा दवाओं की कीमतों के साथ की जा रही छेड़छाड़ पर लगाम कसना और दवा व्यवसाय से जुड़े पुराने नियमों में संशोधन कर छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा करना शामिल है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा। इस मौके ब्रजेश केसरी, सोनू कुमार, सुशील कुमार भारती, हरेंद्र कुमार, संजय कुमार, प्रमोद कुमार, निरंजन कुमार, अरविन्द कुमार, निगम कुमार, खगेन्द्र कुमार सिंह समेत अन्य मौजूद रहे। सहरसा में ऑनलाइन दवाओं की अवैध बिक्री और बड़े कॉरपोरेट घरानों की मनमानी के खिलाफ सहरसा जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले भर की दवा दुकानें बंद रहीं। इस देशव्यापी हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखा गया, जिससे सामान्य मरीजों को काफी असुविधा हुई। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राघव सिंह के अनुसार, जिले की कुल 900 दवा दुकाने है जिसमे प्रखंड मे एक और जिला मुख्यालय मे इमरजेंसी के लिए दो दुकाने खुली रहेगी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की दवा दुकानों के शटर गिरे रहने से बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। अवैध संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की दवा व्यवसायियों संघ के संयुक्त सचिव आशीष टिंकू ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए ई-फार्मेसी के अवैध संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। मरीजों की सुरक्षा और अति-आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एसोसिएशन ने मानवीय आधार पर कुछ दुकानों को खुला रखने का निर्णय लिया। इमरजेंसी सेवाओं के लिए दुकाने खुली रखी गईं, ताकि गंभीर स्थिति में लोगों को दवाएं मिल सकें। सहरसा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राघव प्रसाद सिंह और सचिव हरिनंदन प्रसाद यादव ने बताया कि ई-फार्मेसी के कारण न केवल छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं का अस्तित्व खतरे में है, बल्कि यह जन स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा जोखिम है। आंदोलन को और भी उग्र रूप देने की चेतावनी उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री, नकली दवाओं का बढ़ता खतरा और एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं समाज के लिए घातक साबित हो रही हैं। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में ई-फार्मेसी के अवैध संचालन पर पूर्ण रोक लगाना, बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा दवाओं की कीमतों के साथ की जा रही छेड़छाड़ पर लगाम कसना और दवा व्यवसाय से जुड़े पुराने नियमों में संशोधन कर छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा करना शामिल है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा। इस मौके ब्रजेश केसरी, सोनू कुमार, सुशील कुमार भारती, हरेंद्र कुमार, संजय कुमार, प्रमोद कुमार, निरंजन कुमार, अरविन्द कुमार, निगम कुमार, खगेन्द्र कुमार सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।  

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