खाड़ी देशों में उत्पन्न मौजूदा संकट के मद्देनजर सहरसा जिला प्रशासन ने रसोई गैस (एलपीजी) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। शुक्रवार को समाहरणालय मे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आपूर्ति में कमी का बहाना बनाकर जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शुक्रवार की दोपहर जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी), जिला आपूर्ति पदाधिकारी और सदर एवं सिमरी दोनों अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) उपस्थित थे। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाड़ी संकट का स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों के स्टॉक और दैनिक बिक्री की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अनुमंडल पदाधिकारियों को गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करने की जिम्मेदारी प्रशासन ने कालाबाजारी पर प्रभावी ढंग से लगाम कसने के लिए अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अतिरिक्त, जिन वितरकों के यहां गैस सिलेंडरों की लंबित बुकिंग अधिक है, उन्हें वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कड़ी चेतावनी दी गई है, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी बैठक के दौरान एचपी गैस और भारत गैस के वितरकों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे गैस स्टॉक और वितरण की दैनिक रिपोर्ट जिला मुख्यालय को नियमित रूप से उपलब्ध कराएं। इधर, जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और घबराकर अनावश्यक बुकिंग से बचें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जिले में फिलहाल रसोई गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। खाड़ी देशों में उत्पन्न मौजूदा संकट के मद्देनजर सहरसा जिला प्रशासन ने रसोई गैस (एलपीजी) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। शुक्रवार को समाहरणालय मे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आपूर्ति में कमी का बहाना बनाकर जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शुक्रवार की दोपहर जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी), जिला आपूर्ति पदाधिकारी और सदर एवं सिमरी दोनों अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) उपस्थित थे। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाड़ी संकट का स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों के स्टॉक और दैनिक बिक्री की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अनुमंडल पदाधिकारियों को गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करने की जिम्मेदारी प्रशासन ने कालाबाजारी पर प्रभावी ढंग से लगाम कसने के लिए अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अतिरिक्त, जिन वितरकों के यहां गैस सिलेंडरों की लंबित बुकिंग अधिक है, उन्हें वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कड़ी चेतावनी दी गई है, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी बैठक के दौरान एचपी गैस और भारत गैस के वितरकों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे गैस स्टॉक और वितरण की दैनिक रिपोर्ट जिला मुख्यालय को नियमित रूप से उपलब्ध कराएं। इधर, जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और घबराकर अनावश्यक बुकिंग से बचें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जिले में फिलहाल रसोई गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।


