ukraine russia energy attacks: यूक्रेन-रूस जंग में अब ऊर्जा ढांचे पर हमलों को लेकर नई हलचल मची हुई है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के प्रस्ताव को सराहा है, लेकिन साथ में सख्त शर्त भी रख दी है।
अमेरिका ने दोनों देशों से कहा है कि एक-दूसरे के जरूरी ढांचे, खासकर बिजली और ऊर्जा से जुड़े इलाकों पर हमले बंद कर दें। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर रूस सच में यूक्रेन के महत्वपूर्ण ढांचे पर हमले बंद करता है, तो यूक्रेन भी जवाबी हमले रोकने को तैयार है। उन्होंने इसे तनाव कम करने का पहला कदम बताया।
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया था कि रूस और यूक्रेन दोनों ने एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे पर हमले न करने की सहमति जता दी है। ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखी, लेकिन यह नहीं बताया कि बातचीत कैसे हुई या किसने मध्यस्थता की।
जेलेंस्की ने इस दावे पर सीधा जवाब देते हुए कहा कि अभी तक रूस की तरफ से कोई पक्का संकेत नहीं मिला है कि वह युद्ध खत्म करने की ईमानदारी से सोच रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका को पहले यह पक्का करना होगा कि रूस लंबे समय तक युद्ध बंद रखने को तैयार है। तभी यूक्रेन तनाव कम करने के कदम उठाएगा।
जेलेंस्की ने क्या कहा?
जेलेंस्की ने पोस्ट में कहा- हम देख रहे हैं कि रूस हमारी सटीक कार्रवाइयों की वजह से अपनी युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव महसूस कर रहा है। अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि रूस वास्तव में युद्ध खत्म करने की ईमानदार इच्छा रखता है। अगर हमारे अमेरिकी साझेदार यह सुनिश्चित कर सकें कि रूस सच में इस युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार है और लंबे समय के लिए ऐसा करना चाहता है, तो यूक्रेन भी तनाव कम करने के लिए अपने कदम उठाएगा।
जंग का असर आम लोगों पर
फरवरी 2022 से चल रहे इस युद्ध में यूक्रेन के बिजली घर, ट्रांसमिशन लाइन और दूसरे ऊर्जा ढांचे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स में भी साफ लिखा है कि इन हमलों की वजह से बिजली, पानी, अस्पताल और स्कूलों पर बुरा असर पड़ा है।
जेलेंस्की ने कहा कि शांति की जरूरत है। ऊर्जा व्यवस्था, खाने-पीने की सप्लाई के रास्ते और जरूरी ढांचे, इन सबको हमलों से बचाना चाहिए। सिर्फ अस्थायी समझौते से काम नहीं चलेगा। लंबे समय तक टिकने वाला और न्यायसंगत समाधान चाहिए।

