Red Room Techno Party: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर एक कथित रेव पार्टी के प्रचार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पार्टी के प्रमोशनल वीडियो में नाबालिग लड़कियों का इस्तेमाल किया गया है। वीडियो को आपत्तिजनक और अश्लील अंदाज में प्रस्तुत कर युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। इस प्रचार को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
Red Room Techno Party: “रेड रूम टेक्नो पार्टी” को लेकर गंभीर आरोप
सूत्रों के अनुसार, इस आयोजन को “रेड रूम टेक्नो पार्टी”(Red Room Techno Party) नाम से प्रमोट किया जा रहा है। आरोप यह भी हैं कि इस कार्यक्रम में नशा परोसने की तैयारी की जा रही है और इसे भड़काऊ तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आयोजन का उद्देश्य युवाओं को आकर्षित करना है, जिस पर अब सवाल उठने लगे हैं।
महंगी टिकटिंग और वीआईपी एंट्री सिस्टम
जानकारी के मुताबिक, इस पार्टी के लिए अलग-अलग श्रेणियों में टिकट तय किए गए हैं। इनमें 40 हजार, 20 हजार, 15 हजार, 10 हजार और 8 हजार रुपये तक की बुकिंग फीस शामिल है। इसके अलावा कलाकारों से मिलने के लिए भी अलग से शुल्क लेने की बात (Red Room Techno Party) सामने आई है, जिससे आयोजन की पारदर्शिता और उद्देश्य पर और सवाल खड़े हो रहे हैं।
आयोजन स्थल और अनुमति प्रक्रिया पर सवाल
यह कार्यक्रम कथित तौर पर शुक्रवार को “फर्जी कैफे” नामक स्थान पर शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक आयोजित किया जाना बताया जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद आयोजन की अनुमति और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस तरह के आयोजनों पर सख्त निगरानी की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी, आधिकारिक सूचना नहीं मिली
मामले पर पुलिस ने भी संज्ञान लिया है। ACP रमाकांत साहू ने बताया कि इस तरह के आयोजन की कोई आधिकारिक सूचना पुलिस को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की अश्लीलता या अवैध गतिविधि पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहा ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ कार्यक्रम
गौरतलब है कि रायपुर में इससे पहले भी सोशल मीडिया पर प्रचारित ‘स्ट्रेंजर मीटअप’ कार्यक्रम को लेकर विवाद हो चुका है। उस समय लुधियाना की संस्था युनीगैदर द्वारा आयोजित इस इवेंट का विरोध हुआ था। बजरंग दल के विरोध के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए तेलीबांधा तालाब के पास प्रस्तावित आयोजन को रद्द करा दिया था, जिससे मामला काफी सुर्खियों में रहा था।


