Real Madrid की Real Sociedad पर धमाकेदार जीत, Set Pieces की सटीक रणनीति से पलटा मैच का पासा

Real Madrid की Real Sociedad पर धमाकेदार जीत, Set Pieces की सटीक रणनीति से पलटा मैच का पासा

रियल मैड्रिड ने रियल सोसिदाद के खिलाफ 4-1 की शानदार जीत दर्ज की, लेकिन इस मुकाबले की एक खास तस्वीर स्कोरलाइन से अलग भी सामने आई। मैड्रिड ने सेट पीस यानी रुके हुए खेल से मिलने वाले मौकों का लगातार इस्तेमाल किया और दूसरे हाफ में इन मौकों से अपने हमले को ज्यादा धार दी। मुकाबले में टीम के कुल चार शॉट ऐसे रहे, जो सेट पीस के बाद बने थे।सैंटियागो बर्नाबेउ में खेले गए इस मुकाबले में रियल मैड्रिड को कुल 14 बार रुके हुए खेल से शुरुआत करने का मौका मिला। इनमें आठ गोल किक, चार कॉर्नर और दो फ्री किक शामिल थीं। टीम ने अपने छह में से पांच मौकों पर पहला हवाई संपर्क अपने नाम किया। साथ ही, मैड्रिड ने मुकाबले में अपना एकमात्र हवाई द्वंद्व भी जीता।मौजूद जानकारी के अनुसार, रियल मैड्रिड के चारों सेट पीस शॉट में से तीन शुरुआती गेंद के बाद बने दूसरे चरण के हमले का हिस्सा थे। यानी पहली गेंद को हासिल करने के बाद टीम ने तुरंत हमला खत्म करने के बजाय अगली गेंद पर भी दबाव बनाए रखा। केवल एक प्रयास सीधे शुरुआती चरण में आया था।मैड्रिड के चार सेट पीस प्रयासों में एक गेंद सीधे केंद्रीय हिस्से की ओर गई, एक क्षेत्र के किनारे पहुंची, एक गोल क्षेत्र से बाहर की तरफ गई और एक प्रयास छह गज के क्षेत्र में भेजा गया। इससे पता चलता है कि टीम ने केवल एक ही दिशा में निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों को निशाना बनाया।दूसरी ओर, रियल सोसिदाद को मुकाबले में 18 बार ऐसे अवसर मिले। इनमें आठ गोल किक, सात कॉर्नर और तीन फ्री किक शामिल थीं। सोसिदाद ने अपने 10 में से सात मौकों पर पहली गेंद पर नियंत्रण हासिल किया, लेकिन इसके बावजूद उसके सेट पीस से केवल दो शॉट निकल सके।सोसिदाद के दोनों सेट पीस शॉट में से एक दूसरे चरण के हमले के बाद आया। उसकी छह गेंदों में से तीन केंद्रीय क्षेत्र की ओर भेजी गईं, जबकि तीन को गोल क्षेत्र के बाहर की दिशा में डाला गया। इसके अलावा एक गेंद बाएं मध्य क्षेत्र और एक क्षेत्र के किनारे पहुंची।गौरतलब है कि पहले हाफ में दोनों टीमों में से कोई भी सेट पीस के जरिए शॉट नहीं निकाल सकी। ब्रेक तक कुल 14 ऐसे मौके बने थे, जिनमें पांच रियल मैड्रिड और नौ रियल सोसिदाद के हिस्से आए। इसके उलट दूसरे हाफ में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। इस दौरान दोनों टीमों को नौ-नौ मौके मिले और मुकाबले के सभी छह सेट पीस शॉट इसी हाफ में आए।मैच की स्थिति के हिसाब से भी मैड्रिड की रणनीति दिलचस्प रही। जब मुकाबला बराबरी पर था, तब टीम को नौ सेट पीस मिले और उसने उनसे तीन शॉट बनाए। बढ़त मिलने के बाद उसे पांच और मौके मिले, जिनमें से एक को शॉट में बदला गया। यानी मैड्रिड ने बराबरी के दौर में भी रुके हुए खेल से मौके बनाने पर जोर बनाए रखा।रियल सोसिदाद को मुकाबला बराबर रहने के दौरान 11 सेट पीस मिले, लेकिन इनमें से कोई भी शॉट में नहीं बदल सका। जब टीम पीछे चल रही थी, तब उसे सात ऐसे मौके मिले और उनमें से दो पर उसने शॉट लगाए।बता दें कि फुटबॉल में सेट पीस अक्सर करीबी मुकाबलों में अंतर पैदा करने का जरिया बनते हैं। कॉर्नर, फ्री किक और उनके बाद मिलने वाली दूसरी गेंद पर नियंत्रण किसी टीम को लगातार दबाव बनाने का अवसर देता है। रियल मैड्रिड और रियल सोसिदाद के इस मुकाबले में भी आंकड़े यही बताते हैं कि दूसरे हाफ में मैड्रिड ने इन मौकों को ज्यादा प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। 

रियल मैड्रिड ने रियल सोसिदाद के खिलाफ 4-1 की शानदार जीत दर्ज की, लेकिन इस मुकाबले की एक खास तस्वीर स्कोरलाइन से अलग भी सामने आई। मैड्रिड ने सेट पीस यानी रुके हुए खेल से मिलने वाले मौकों का लगातार इस्तेमाल किया और दूसरे हाफ में इन मौकों से अपने हमले को ज्यादा धार दी। मुकाबले में टीम के कुल चार शॉट ऐसे रहे, जो सेट पीस के बाद बने थे।
सैंटियागो बर्नाबेउ में खेले गए इस मुकाबले में रियल मैड्रिड को कुल 14 बार रुके हुए खेल से शुरुआत करने का मौका मिला। इनमें आठ गोल किक, चार कॉर्नर और दो फ्री किक शामिल थीं। टीम ने अपने छह में से पांच मौकों पर पहला हवाई संपर्क अपने नाम किया। साथ ही, मैड्रिड ने मुकाबले में अपना एकमात्र हवाई द्वंद्व भी जीता।
मौजूद जानकारी के अनुसार, रियल मैड्रिड के चारों सेट पीस शॉट में से तीन शुरुआती गेंद के बाद बने दूसरे चरण के हमले का हिस्सा थे। यानी पहली गेंद को हासिल करने के बाद टीम ने तुरंत हमला खत्म करने के बजाय अगली गेंद पर भी दबाव बनाए रखा। केवल एक प्रयास सीधे शुरुआती चरण में आया था।
मैड्रिड के चार सेट पीस प्रयासों में एक गेंद सीधे केंद्रीय हिस्से की ओर गई, एक क्षेत्र के किनारे पहुंची, एक गोल क्षेत्र से बाहर की तरफ गई और एक प्रयास छह गज के क्षेत्र में भेजा गया। इससे पता चलता है कि टीम ने केवल एक ही दिशा में निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों को निशाना बनाया।
दूसरी ओर, रियल सोसिदाद को मुकाबले में 18 बार ऐसे अवसर मिले। इनमें आठ गोल किक, सात कॉर्नर और तीन फ्री किक शामिल थीं। सोसिदाद ने अपने 10 में से सात मौकों पर पहली गेंद पर नियंत्रण हासिल किया, लेकिन इसके बावजूद उसके सेट पीस से केवल दो शॉट निकल सके।
सोसिदाद के दोनों सेट पीस शॉट में से एक दूसरे चरण के हमले के बाद आया। उसकी छह गेंदों में से तीन केंद्रीय क्षेत्र की ओर भेजी गईं, जबकि तीन को गोल क्षेत्र के बाहर की दिशा में डाला गया। इसके अलावा एक गेंद बाएं मध्य क्षेत्र और एक क्षेत्र के किनारे पहुंची।
गौरतलब है कि पहले हाफ में दोनों टीमों में से कोई भी सेट पीस के जरिए शॉट नहीं निकाल सकी। ब्रेक तक कुल 14 ऐसे मौके बने थे, जिनमें पांच रियल मैड्रिड और नौ रियल सोसिदाद के हिस्से आए। इसके उलट दूसरे हाफ में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। इस दौरान दोनों टीमों को नौ-नौ मौके मिले और मुकाबले के सभी छह सेट पीस शॉट इसी हाफ में आए।
मैच की स्थिति के हिसाब से भी मैड्रिड की रणनीति दिलचस्प रही। जब मुकाबला बराबरी पर था, तब टीम को नौ सेट पीस मिले और उसने उनसे तीन शॉट बनाए। बढ़त मिलने के बाद उसे पांच और मौके मिले, जिनमें से एक को शॉट में बदला गया। यानी मैड्रिड ने बराबरी के दौर में भी रुके हुए खेल से मौके बनाने पर जोर बनाए रखा।
रियल सोसिदाद को मुकाबला बराबर रहने के दौरान 11 सेट पीस मिले, लेकिन इनमें से कोई भी शॉट में नहीं बदल सका। जब टीम पीछे चल रही थी, तब उसे सात ऐसे मौके मिले और उनमें से दो पर उसने शॉट लगाए।
बता दें कि फुटबॉल में सेट पीस अक्सर करीबी मुकाबलों में अंतर पैदा करने का जरिया बनते हैं। कॉर्नर, फ्री किक और उनके बाद मिलने वाली दूसरी गेंद पर नियंत्रण किसी टीम को लगातार दबाव बनाने का अवसर देता है। रियल मैड्रिड और रियल सोसिदाद के इस मुकाबले में भी आंकड़े यही बताते हैं कि दूसरे हाफ में मैड्रिड ने इन मौकों को ज्यादा प्रभावी ढंग से उपयोग किया है।

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