IND vs SL 2nd Test: भारतीय टीम को कहीं न कहीं अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि कोलंबो टेस्ट ड्रॉ हो गया है। ऐसा होना भी लाजिमी है, क्योंकि चार दिन तक भारत काफी मजबूत स्थिति में था, लेकिन आखिरी दिन अकेले सोनल दिनुषा ने मैच को ड्रॉ करा दिया। इस टेस्ट की नहीं जीतने पर सबसे ज्यादा दुखी देवदत्त पडिक्कल हैं। उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब पाने के बाद कहा कि अगर जीत मिलती तो बेहतर होता।
IND vs SL 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज भारत ने 1-0 से जीत ली है। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भारत के लिए कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट जीतना भी जरूरी था, लेकिन ऐसा हो न सका। चार दिन तक कोलंबो टेस्ट में हावी रही भारतीय टीम पांचवें और आखिरी दिन बैकफुट पर चली गई। श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनर दिनुषा धीरे-धीरे मैच को भारत से दूर ले गए और ड्रॉ कराकर ही दम लिया। इस दौरे पर दमदार प्रदर्शन करने वाले देवदत्त पडिक्कल को प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड दिया गया तो वह भावुक हो गए और बोले कि अगर हम कोलंबो में जीतते तो बेहतर होगा।
‘मैच में जीत मिलती तो और भी बेहतर होता’
प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड लेने के बाद देवदत्त ने कहा कि यह बहुत अच्छा है, लेकिन अगर हमें इस मैच में भी जीत मिलती तो और भी बेहतर होता। उन्होंने बताया कि गॉल और कोलंबो दोनों जगह पिच काफी हद तक एक जैसी ही थीं। पिच काफी धीमी थी, लेकिन आखिर में बल्लेबाजों ने ऐसी सतह पर खेलकर बेहतर सीखा और पिछले कुछ दिनों में यह बात स्पष्ट तौर पर नजर आई।
‘हर कोई अपनी योजना के साथ आया था’
उन्होंने धीमे और टर्निंग विकेट पर सफल होने के लिए जरूरी रणनीतिक पर बात करते हुए कहा कि इसके लिए बहुत साफ सोच की आवश्यकता होती है। आपके पास स्पष्ट योजना होनी चाहिए। यहां हर कोई अपनी योजना के साथ आया था और बल्लेबाजों ने जिस तरह से उन्हें लागू किया, वह मैदान पर सबको नजर भी आया।
‘आप देश के लिए खेलना चाहते हैं’
वहीं, उन्होंने टीम से बाहर रहने के बाद राष्ट्रीय टेस्ट सेटअप में वापसी के बारे में बात करते हुए कहा कि आप देश के लिए खेलना चाहते हैं। इसलिए कड़ी मेहनत करते रहते हैं, अपने साथियों की मदद करने की कोशिश करते हैं और जब मौका मिलता है तो उसका फायदा उठाते हैं। यह जरूरी है कि आप उसे जितनी जल्दी हो सके भूल जाएं और अगली गेंद पर ध्यान दें। मैंने यही करने की कोशिश की।
लंबे समय के लिए टीम इंडिया में जगह हुई पक्की
बता दें कि श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की इस टेस्ट सीरीज में देवदत्त पडिक्कल ने 109.33 के औसत के साथ तीन पारियों 328 रन बनाए। इस उम्दा प्रदर्शन के लिए पडिक्कल को प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से नवाजा गया। पडिक्कल ने गॉल टेस्ट में जहां 167 और 44 रन की पारियां खेली थीं। वहीं, कोलंबो टेस्ट में 117 की दमदार पारी खेली। उन्हें साई सुदर्शन की गैर मौजूदगी में नंबर-3 की भूमिका में उतारा गया था। माना जा रहा है कि इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने लंबे समय तक अपनी जगह टीम इंडिया में पक्की कर ली है।
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