पिछले सीजन से ही भुवनेश्वर और हेजलवुड की यह जोड़ी RCB के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रही है। पिछले साल इस जोड़ी ने टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
Josh Hazlewood, Royal Challengers Bengaluru, IPL 2026: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड भारत में काफी सहज महसूस कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस अनुभवी गेंदबाज को अपने पुराने साथियों पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क की कमी बिल्कुल नहीं खल रही, क्योंकि RCB में उन्हें भुवनेश्वर कुमार जैसे धुरंधर के साथ नई गेंद साझा करने का मौका मिल रहा है।
पिछले सीजन से ही भुवनेश्वर और हेजलवुड की यह जोड़ी RCB के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रही है। पिछले साल इस जोड़ी ने टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी और इस सीजन में भी 12 मैचों के बाद टीम को पॉइंट्स टेबल के शीर्ष स्थान पर पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। धर्मशाला में पंजाब किंग्स के खिलाफ लीग के आखिरी मैच से पहले हेजलवुड ने अपनी इस नई जोड़ी की तुलना ऑस्ट्रेलिया की प्रसिद्ध कमिंस-स्टार्क जोड़ी से की।
हेजलवुड ने कहा, “ये थोड़ा वैसा ही है जैसा पैटी (कमिंस) और स्टार्सी (स्टार्क) के साथ ऑस्ट्रेलिया के लिए गेंदबाजी करना। भुवी ज्यादा पिच पर गेंद डालते हैं और स्विंग कराते हैं, जबकि मैं सीम मूवमेंट और बाउंस का इस्तेमाल करता हूं। अटैक में बैलेंस होना बहुत जरूरी है। पिछले साल और इस साल दोनों में हमारी जोड़ी अच्छी रही है।”
उन्होंने आगे बताया, “सपाट विकेट पर अगर आप 2 विकेट लेकर सिर्फ 40 रन देते हो और बाकी गेंदबाज 50-60 रन लुटा रहे हों, तो वो मैच बहुत संतोष देने वाला होता है।” हेजलवुड ने कहा, “जब सब कुछ आपके पक्ष में हो, जैसे इस साल दिल्ली के खिलाफ हमारे साथ हुआ, तो गेंदबाजी करना आसान लगता है। लेकिन जब बल्लेबाज हावी हो रहे हों, पहला ओवर 20 रन पड़ जाए, फिर भी आप यॉर्कर या स्पीड बदलकर वापसी करते हो और अच्छे आंकड़े लेकर मैच खत्म करते हो, तो मुझे सबसे ज्यादा गर्व उन मैचों पर होता है।”
इस सीजन दोनों गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने इस सीजन 12 मैचों में 22 विकेट झटके हैं, जिसमें छह बार तीन विकेट लेना शामिल है। वहीं हेजलवुड ने 11 विकेट लिए हैं, जिनमें 4/11 उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। हेजलवुड ने RCB की गेंदबाजी ताकत पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि टीम में अलग-अलग तरह के गेंदबाज होने से मैच जिताने में काफी मदद मिल रही है।
हेजलवुड ने कहा, “इस साल हमारे पास यश दयाल तो नहीं हैं, लेकिन रसिख सलाम ने लेफ्ट आर्म एंगल की भूमिका बखूबी संभाल ली है। सुयश शर्मा लेग स्पिनर हैं और क्रुणाल पांड्या लेफ्ट आर्म स्पिनर हैं। ये पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया जैसा फील देता है, हर बेस कवर है। अगर तीन गेंदबाज एक ही स्टाइल के हों तो बल्लेबाज को आसानी हो जाती है। अलग-अलग स्किल्स और स्टाइल होना विरोधी के लिए मुश्किल पैदा करता है।” आरसीबी अब प्लेऑफ में जगह पक्की करने से सिर्फ एक मैच दूर है। टीम टॉप-2 में जगह बनाने की मजबूत दावेदार है, जिससे क्वालीफायर-1 खेलने का लाभ मिल सकता है।
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