पेटीएम पेमेंट्स बैंक लाइसेंस RBI ने रद्द किया:कहा- इसमें जमा पैसा सुरक्षित नहीं था; UPI एप काम करेगा, लेकिन वॉलेट बंद रहेगा

पेटीएम पेमेंट्स बैंक लाइसेंस RBI ने रद्द किया:कहा- इसमें जमा पैसा सुरक्षित नहीं था; UPI एप काम करेगा, लेकिन वॉलेट बंद रहेगा

पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज आज 24 अप्रैल से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। RBI ने कहा कि बैंक के कामकाज से ग्राहकों का पैसा सुरक्षित नहीं था। हालांकि, UPI एप पहले की तरह चलता रहेगा, लेकिन वॉलेट बंद ही रहेगा। इस फैसले का क्या असर होगा अगर आप Paytm UPI को किसी दूसरे बैंक (जैसे SBI, HDFC आदि) से लिंक करके चला रहे हैं, तो UPI चलता रहेगा। लेकिन अगर Paytm Payments Bank ही आपका बेस अकाउंट था तो आपको इसे दूसरे बैंक में शिफ्ट करना होगा। इस बैंक में जमा पैसा आप निकाल सकते हैं। RBI ने लाइसेंस रद्द करने की 4 वजह बताईं लाइसेंस रद्द होने के बाद पेटीएम के शेयर में गिरावट शुक्रवार को शेयर बाजार में पेटीएम की मूल कंपनी ‘वन 97 कम्युनिकेशंस’ के शेयरों में गिरावट देखी गई। पेटीएम के शेयर 0.5% गिरकर 1,153 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए। बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने की खबर का असर आने वाले दिनों में स्टॉक पर और अधिक देखने को मिल सकता है। 2022 से ही RBI के रडार पर था पेटीएम बैंक पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर रिजर्व बैंक की सख्ती काफी पुरानी है। इसकी शुरुआत मार्च 2022 में हुई थी, जब RBI ने बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। इसके बाद जनवरी 2024 में नियमों के उल्लंघन और कस्टमर ड्यू डिलिजेंस (KYC) में खामियों के चलते बैंक को नए डिपॉजिट लेने से भी रोक दिया गया था। तभी से बैंक केवल पुराने डिपॉजिट निकालने और लोन रेफरल जैसी सीमित गतिविधियों तक ही सिमट गया था। 2015 में मिला था लाइसेंस, बड़े निवेशकों का था साथ पेटीएम पेमेंट्स बैंक को अगस्त 2015 में सीमित बैंकिंग लाइसेंस मिला था। इसके तहत बैंक छोटी जमा राशि स्वीकार कर सकता था, लेकिन उसे सीधे लोन देने की अनुमति नहीं थी। इस बैंक को वन 97 कम्युनिकेशंस का समर्थन प्राप्त था, जिसमें चीन के ‘आंट ग्रुप’ (Ant Group) और जापान के ‘सॉफ्टबैंक’ जैसे दिग्गज निवेशक शामिल रहे हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *