भागलपुर के सुलतानगंज नगर परिषद में एग्जिक्यूटिव की हत्या और चेयरमैन पर फायरिंग के आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। रामधनी यादव के सीने में गोली लगी, जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया। रामधनी यादव सुलतानगंज नगर परिषद की डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी का पति था। रामधनी इतना कुख्यात था कि, साल 2000 में एक कारोबारी की हत्या करने के बाद उसका सिर काटकर थाने पहुंच गया था। उसकी पत्नी नीलम देवी नगर परिषद की डिप्टी चेयरमैन बनने से पहले सुलतानगंज में ही एक सरकारी स्कूल में रसोइया का काम करती थी। रामधनी यादव बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ उठता-बैठता था। कई नेताओं के साथ उसके पारिवारिक संबंध भी थे। रामधनी का बेटा मनीष यादव चिराग पासवान की पार्टी में जिला अध्यक्ष है। पढ़िए रामधनी के दूध बेचने से लेकर कुख्यात बनने तक की पूरी कहानी सबसे पहले रामधनी के राजनीतिक रसूख की 2 तस्वीरें… सिर काटकर थाने पहुंच गया था रामधनी रामधनी यादव शुरुआत में घर-घर जाकर दूध बेचता था। साल 2000 से पहले रामधनी यादव ने एक कारोबारी की हत्या की थी। सिर काटने के बाद आरोपी रामधनी खुद थाने पहुंच गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद रामधनी सुल्तानगंज में अपराध की दुनिया में पकड़ बनाने लगा। 2002-03 तक आते-आते रामधनी पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी के कई मामले दर्ज हो गए। 2003 में ही पुलिस रामधनी को फिर से गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। लेकिन राजनीतिक पकड़ और धनबल में लगातार मजबूत होता गया रामधनी ने अपने रसूख के बल पर फिर से जमानत ले ली। जब रामधनी शुरुआत में अपराध की दुनिया में घुस रहा था, उस वक्त उसकी पत्नी सुल्तानगंज के ही एक प्राइमरी स्कूल में खाना बनाती थी। उस वक्त रामधनी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।परिवार का भरण-पोषण प त्नी नीलम देवी की आय पर ही टिका था। पूरा परिवार छोटी सी झोपड़ी में रहता था। 2011-2012 तक रामधनी पॉलिटिकल पकड़ के जरिए अपना राजनीतिक वर्चस्व मजबूत कर चुका था। जमीनों पर कब्जा, बस स्टैंड, पार्किंग, शहर की साफ-सफाई जैसे ठेके वो खुद लेने लगा था। नगर परिषद से ठेकेदारी की प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण उसने स्थानीय नेताओं से साठगांठ कर अपनी पत्नी को 2017 में सुलतानगंज नगर परिषद के वार्ड 11 से पार्षद का चुनाव लड़वाया। नीलम देवी ने चुनाव जीत लिया और पहली बार वार्ड पार्षद बन गई। आज की तारीख में रामधनी यादव 5 करोड़ से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति का मालिक था। एक बेटा चिराग की पार्टी से जुड़ा है रामधनी यादव और नीलम यादव चार बेटों के माता-पिता हैं। रामधनी यादव और नीलम देवी का सबसे बड़ा बेटा सन्नी यादव एमएलसी प्रतिनिधि है, जबकि दूसरे नंबर का बेटा मनीष कुमार यादव लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का भागलपुर युवा जिला अध्यक्ष है। वहीं, दो छोटे बेटे अमित और अंकित यादव फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं। नगर परिषद के तत्कालीन चेयरमैन के पति से थी रामधनी की रंजिश पत्नी के वार्ड पार्षद बनने के बाद रामधनी यादव रंगदारी, जमीन पर जबरन कब्जा, ठेका लेने जैसी सभी प्रक्रियाओं में खुद शामिल होने लगा था। उस वक्त सुलतानगंज नगर परिषद की तत्कालीन चेयरमैन दयावती देवी थी, जिसका पति कनबुचा कुख्यात अपराधी था। वर्चस्व की जंग को लेकर उस वक्त कनबुचा और रामधनी यादव के बीच रंजिश शुरू हो गई थी। रामधनी नगर परिषद में अपना वर्चस्व कायम रखना चाहता था, जबकि कनबुचा अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहता था। रामधनी ने रची अविश्वास प्रस्ताव की साजिश 9 जून 2017 को दयावती देवी ने बतौर सभापति पद की शपथ ली थी। तब से ही रामधनी से उनका विवाद चला आ रहा था। रामधनी ने कई बार दयावती को कुर्सी से हटाने की साजिश रचनी शुरू कर दी। उसने नगर परिषद के कई पार्षदों को डरा-धमका कर और कुछ को पैसे देकर अपने पाले में खींच लिया। और अंतत जून 2019 में नगर परिषद की तत्कालीन सभापति दयावती देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में 6 के खिलाफ 14 मतों के अंतर से दयावती देवी की कुर्सी छिन गई। दयावती की कुर्सी जाने के बाद नीलम देवी अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट करने में डटी रहीं। नीलम देवी के समर्थक पार्षदों ने भी नीलम देवी का साथ दिया और डीआरडीए सभागार में हुए चुनाव में नीलम देवी सभापति की कुर्सी पाने में सफल हो गईं। पहले नगर परिषद चेयरमैन, फिर डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी के साल 2019 में नगर परिषद के चेयरमैन पद पर बैठते ही रामधनी यादव ने अवैध तरीके से संपत्ति बनानी शुरू कर दी। नीलम देवी का बाइपास में आलीशान मकान है। उनके घर में तीन फोर व्हीलर हैं। साल 2020 में नीलम देवी ने चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी से सुल्तानगंज विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन वे तीसरे नंबर पर रही थी। नीलम देवी पर फायरिंग का आरोप, गई थी जेल साल 2019 में जिस दिन नगर परिषद की तत्कालीन चेयरमैन दयावती देवी की कुर्सी गई थी, उसी दिन अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुई वोटिंग के बाद पुलिस ने नीलम देवी को गिरफ्तार किया था। दरअसल, दयावती देवी ने आरोप लगाया था कि 10 जून 2019 को नीलम देवी एवं अन्य पार्षदों ने मेरे खिलाफ नगर परिषद के तत्कालीन एग्जिक्यूटिव अफसर को मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। उसी दिन देर शाम जब जब मैं असंतुष्ट पार्षदों से अपने समर्थकों के साथ मिल रही थी, तभी वार्ड 16 में उन पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में दयावती देवी ने पार्षद नीलम देवी समेत उसके पति रामधनी यादव और उसके 2 बेटों समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया था। फरवरी 2023 में रामधनी पर हुआ था जानलेवा हमला रामधनी और दयावती के पति कनबुचा के बीच चुनाव रंजिश जारी थी। इसी सिलसिले में फरवरी 2023 में सुल्तानगंज नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी के पति रामधनी यादव को अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मार दी थी। वारदात उस वक्त हुई थी, जब रामधनी यादव बाईपास स्थित अपने घर के सामने खड़े थे, तभी दो बदमाश वहां पहुंचे। एक बदमाश रामधनी के करीब आया और भागलपुर जाने का रास्ता पूछा। रामधनी जब तक कुछ समझ पाता बदमाश ने फायरिंग कर दी। गोली रामधनी के सीने में लगी, लेकिन रामधनी की जान बच गई थी। अब जानिए क्यों हुआ एनकाउंटर मंगलवार की शार करीब 4 बजे सुल्तानगंज में नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में तालाब और नगर परिषद एरिया में लगने वाले होर्ल्डिंग को लेकर बोली लग रही थी। इसको लेकर चेयरमैन के दफ्तर में 12 से 15 लोग थे। इसी दौरान सफेद शर्ट, खाकी रंग के हाफ पैंट में हरे रंग का झोला लिए नगर परिषद के उपसभापति का पति रामधनी यादव अपने दो साथियों के साथ घुसता है। राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में घुसते ही हाफ पैंट पहने रामधनी यादव अपने झोला से कट्टा निकालता है। राजकुमार गुड्डू को धमकाते हुए कहता है कि सुल्तानगंज में सिर्फ तुम ही राज करोगे क्या। फिर कुछ कहता है और फायरिंग शुरू कर देता है। रामधनी यादव ने राजकुमार गुड्डू को दो गोली मारी, इसी दौरान बीचबचाव करने पहुंचे एग्जीक्यूटिव अफसर कृष्णा भूषण कुमार पर भी फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद भूषण कुमार की मौत हो गई। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… सीसीटीवी से हुई रामधनी की पहचान पुलिस ने अपराधी की पहचान कर ली थी। अपराधी को भी इसकी भनक लग गई थी कि पुलिस उसे पहचान गई है। खुद को बचाने के लिए अपराधी रामधनी यादव शाम करीब 8 बजे ऑटो से पुलिस स्टेशन पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। जिस हथियार से मर्डर किया गया था, पुलिस उसे बरामद करना चाहती थी। लेकिन रामधनी बार-बार पुलिस सवालों को घुमा रहा था। सख्ती बरतने पर रामधनी ने बताया कि, हथियार को सुनसान इलाके में फेंक दिया है। पुलिस हर हाल में हथियार बरामद करना चाहती थी। लिहाजा रामधनी को साथ लेकर वो वहां पहुंची जहां रामधनी ने हथियार छिपा रखा था। पुलिस रामधनी को लेकर आगे बढ़ रही थी, पीछे-पीछे रामधनी के गुर्गे भी आ रहे थे। पुलिस पर की ताबड़तोड़ फायरिंग रामधनी को यह भनक लग गई कि अगर हथियार बरामद हो जाता है तो वो बुरी तरफ फंस जाएगा। जैसे ही रामधनी सुनसान इलाके में पहुंचता है वो अपने गुर्गों को फायरिंग करने के लिए कहता है। गुर्गे पुलिस पर फायरिंग शुरू कर देते हैं। इतने में रामधनी भी छिपाई जगह से पिस्टल निकाल लेता है और फायरिग शुरू कर देता है। गोलीबारी में डीएसपी नवनीत कुमार सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो जाते हैं। पुलिस भी बचाव में फायरिंग शुरू कर देती है। गोली रामधनी के सीने में लगती है वो वहीं जमीन पर गिर जाता है। पुलिस रामधनी के दो गुर्गों दीपक और उसके साले को मौके से अरेस्ट करती है। रामधनी को घायल हालत में मायागंज अस्पताल लाया जाता है, लेकिन डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देते हैं। भागलपुर के सुलतानगंज नगर परिषद में एग्जिक्यूटिव की हत्या और चेयरमैन पर फायरिंग के आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। रामधनी यादव के सीने में गोली लगी, जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया। रामधनी यादव सुलतानगंज नगर परिषद की डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी का पति था। रामधनी इतना कुख्यात था कि, साल 2000 में एक कारोबारी की हत्या करने के बाद उसका सिर काटकर थाने पहुंच गया था। उसकी पत्नी नीलम देवी नगर परिषद की डिप्टी चेयरमैन बनने से पहले सुलतानगंज में ही एक सरकारी स्कूल में रसोइया का काम करती थी। रामधनी यादव बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ उठता-बैठता था। कई नेताओं के साथ उसके पारिवारिक संबंध भी थे। रामधनी का बेटा मनीष यादव चिराग पासवान की पार्टी में जिला अध्यक्ष है। पढ़िए रामधनी के दूध बेचने से लेकर कुख्यात बनने तक की पूरी कहानी सबसे पहले रामधनी के राजनीतिक रसूख की 2 तस्वीरें… सिर काटकर थाने पहुंच गया था रामधनी रामधनी यादव शुरुआत में घर-घर जाकर दूध बेचता था। साल 2000 से पहले रामधनी यादव ने एक कारोबारी की हत्या की थी। सिर काटने के बाद आरोपी रामधनी खुद थाने पहुंच गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद रामधनी सुल्तानगंज में अपराध की दुनिया में पकड़ बनाने लगा। 2002-03 तक आते-आते रामधनी पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी के कई मामले दर्ज हो गए। 2003 में ही पुलिस रामधनी को फिर से गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। लेकिन राजनीतिक पकड़ और धनबल में लगातार मजबूत होता गया रामधनी ने अपने रसूख के बल पर फिर से जमानत ले ली। जब रामधनी शुरुआत में अपराध की दुनिया में घुस रहा था, उस वक्त उसकी पत्नी सुल्तानगंज के ही एक प्राइमरी स्कूल में खाना बनाती थी। उस वक्त रामधनी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।परिवार का भरण-पोषण प त्नी नीलम देवी की आय पर ही टिका था। पूरा परिवार छोटी सी झोपड़ी में रहता था। 2011-2012 तक रामधनी पॉलिटिकल पकड़ के जरिए अपना राजनीतिक वर्चस्व मजबूत कर चुका था। जमीनों पर कब्जा, बस स्टैंड, पार्किंग, शहर की साफ-सफाई जैसे ठेके वो खुद लेने लगा था। नगर परिषद से ठेकेदारी की प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण उसने स्थानीय नेताओं से साठगांठ कर अपनी पत्नी को 2017 में सुलतानगंज नगर परिषद के वार्ड 11 से पार्षद का चुनाव लड़वाया। नीलम देवी ने चुनाव जीत लिया और पहली बार वार्ड पार्षद बन गई। आज की तारीख में रामधनी यादव 5 करोड़ से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति का मालिक था। एक बेटा चिराग की पार्टी से जुड़ा है रामधनी यादव और नीलम यादव चार बेटों के माता-पिता हैं। रामधनी यादव और नीलम देवी का सबसे बड़ा बेटा सन्नी यादव एमएलसी प्रतिनिधि है, जबकि दूसरे नंबर का बेटा मनीष कुमार यादव लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का भागलपुर युवा जिला अध्यक्ष है। वहीं, दो छोटे बेटे अमित और अंकित यादव फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं। नगर परिषद के तत्कालीन चेयरमैन के पति से थी रामधनी की रंजिश पत्नी के वार्ड पार्षद बनने के बाद रामधनी यादव रंगदारी, जमीन पर जबरन कब्जा, ठेका लेने जैसी सभी प्रक्रियाओं में खुद शामिल होने लगा था। उस वक्त सुलतानगंज नगर परिषद की तत्कालीन चेयरमैन दयावती देवी थी, जिसका पति कनबुचा कुख्यात अपराधी था। वर्चस्व की जंग को लेकर उस वक्त कनबुचा और रामधनी यादव के बीच रंजिश शुरू हो गई थी। रामधनी नगर परिषद में अपना वर्चस्व कायम रखना चाहता था, जबकि कनबुचा अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहता था। रामधनी ने रची अविश्वास प्रस्ताव की साजिश 9 जून 2017 को दयावती देवी ने बतौर सभापति पद की शपथ ली थी। तब से ही रामधनी से उनका विवाद चला आ रहा था। रामधनी ने कई बार दयावती को कुर्सी से हटाने की साजिश रचनी शुरू कर दी। उसने नगर परिषद के कई पार्षदों को डरा-धमका कर और कुछ को पैसे देकर अपने पाले में खींच लिया। और अंतत जून 2019 में नगर परिषद की तत्कालीन सभापति दयावती देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में 6 के खिलाफ 14 मतों के अंतर से दयावती देवी की कुर्सी छिन गई। दयावती की कुर्सी जाने के बाद नीलम देवी अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट करने में डटी रहीं। नीलम देवी के समर्थक पार्षदों ने भी नीलम देवी का साथ दिया और डीआरडीए सभागार में हुए चुनाव में नीलम देवी सभापति की कुर्सी पाने में सफल हो गईं। पहले नगर परिषद चेयरमैन, फिर डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी के साल 2019 में नगर परिषद के चेयरमैन पद पर बैठते ही रामधनी यादव ने अवैध तरीके से संपत्ति बनानी शुरू कर दी। नीलम देवी का बाइपास में आलीशान मकान है। उनके घर में तीन फोर व्हीलर हैं। साल 2020 में नीलम देवी ने चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी से सुल्तानगंज विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन वे तीसरे नंबर पर रही थी। नीलम देवी पर फायरिंग का आरोप, गई थी जेल साल 2019 में जिस दिन नगर परिषद की तत्कालीन चेयरमैन दयावती देवी की कुर्सी गई थी, उसी दिन अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुई वोटिंग के बाद पुलिस ने नीलम देवी को गिरफ्तार किया था। दरअसल, दयावती देवी ने आरोप लगाया था कि 10 जून 2019 को नीलम देवी एवं अन्य पार्षदों ने मेरे खिलाफ नगर परिषद के तत्कालीन एग्जिक्यूटिव अफसर को मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। उसी दिन देर शाम जब जब मैं असंतुष्ट पार्षदों से अपने समर्थकों के साथ मिल रही थी, तभी वार्ड 16 में उन पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में दयावती देवी ने पार्षद नीलम देवी समेत उसके पति रामधनी यादव और उसके 2 बेटों समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया था। फरवरी 2023 में रामधनी पर हुआ था जानलेवा हमला रामधनी और दयावती के पति कनबुचा के बीच चुनाव रंजिश जारी थी। इसी सिलसिले में फरवरी 2023 में सुल्तानगंज नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी के पति रामधनी यादव को अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मार दी थी। वारदात उस वक्त हुई थी, जब रामधनी यादव बाईपास स्थित अपने घर के सामने खड़े थे, तभी दो बदमाश वहां पहुंचे। एक बदमाश रामधनी के करीब आया और भागलपुर जाने का रास्ता पूछा। रामधनी जब तक कुछ समझ पाता बदमाश ने फायरिंग कर दी। गोली रामधनी के सीने में लगी, लेकिन रामधनी की जान बच गई थी। अब जानिए क्यों हुआ एनकाउंटर मंगलवार की शार करीब 4 बजे सुल्तानगंज में नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में तालाब और नगर परिषद एरिया में लगने वाले होर्ल्डिंग को लेकर बोली लग रही थी। इसको लेकर चेयरमैन के दफ्तर में 12 से 15 लोग थे। इसी दौरान सफेद शर्ट, खाकी रंग के हाफ पैंट में हरे रंग का झोला लिए नगर परिषद के उपसभापति का पति रामधनी यादव अपने दो साथियों के साथ घुसता है। राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में घुसते ही हाफ पैंट पहने रामधनी यादव अपने झोला से कट्टा निकालता है। राजकुमार गुड्डू को धमकाते हुए कहता है कि सुल्तानगंज में सिर्फ तुम ही राज करोगे क्या। फिर कुछ कहता है और फायरिंग शुरू कर देता है। रामधनी यादव ने राजकुमार गुड्डू को दो गोली मारी, इसी दौरान बीचबचाव करने पहुंचे एग्जीक्यूटिव अफसर कृष्णा भूषण कुमार पर भी फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद भूषण कुमार की मौत हो गई। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… सीसीटीवी से हुई रामधनी की पहचान पुलिस ने अपराधी की पहचान कर ली थी। अपराधी को भी इसकी भनक लग गई थी कि पुलिस उसे पहचान गई है। खुद को बचाने के लिए अपराधी रामधनी यादव शाम करीब 8 बजे ऑटो से पुलिस स्टेशन पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। जिस हथियार से मर्डर किया गया था, पुलिस उसे बरामद करना चाहती थी। लेकिन रामधनी बार-बार पुलिस सवालों को घुमा रहा था। सख्ती बरतने पर रामधनी ने बताया कि, हथियार को सुनसान इलाके में फेंक दिया है। पुलिस हर हाल में हथियार बरामद करना चाहती थी। लिहाजा रामधनी को साथ लेकर वो वहां पहुंची जहां रामधनी ने हथियार छिपा रखा था। पुलिस रामधनी को लेकर आगे बढ़ रही थी, पीछे-पीछे रामधनी के गुर्गे भी आ रहे थे। पुलिस पर की ताबड़तोड़ फायरिंग रामधनी को यह भनक लग गई कि अगर हथियार बरामद हो जाता है तो वो बुरी तरफ फंस जाएगा। जैसे ही रामधनी सुनसान इलाके में पहुंचता है वो अपने गुर्गों को फायरिंग करने के लिए कहता है। गुर्गे पुलिस पर फायरिंग शुरू कर देते हैं। इतने में रामधनी भी छिपाई जगह से पिस्टल निकाल लेता है और फायरिग शुरू कर देता है। गोलीबारी में डीएसपी नवनीत कुमार सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो जाते हैं। पुलिस भी बचाव में फायरिंग शुरू कर देती है। गोली रामधनी के सीने में लगती है वो वहीं जमीन पर गिर जाता है। पुलिस रामधनी के दो गुर्गों दीपक और उसके साले को मौके से अरेस्ट करती है। रामधनी को घायल हालत में मायागंज अस्पताल लाया जाता है, लेकिन डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देते हैं।


