बिहार की राजनीति में दशकों बाद एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पूरे भाजपा में खुशी की लहर दौड़ दी है। बुधवार को सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। उनके साथ विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस राजनैतिक घटनाक्रम पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने विशेष संदेश जारी कर बिहार की नई सरकार को शुभकामनाएं दी हैं।
मोदी जी के मार्गदर्शन में बनेगा कीर्तिमान : सीएम भजनलाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि परम आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं आपके कुशल नेतृत्व में बिहार सुशासन और जन-कल्याण की नई ऊंचाइयों को स्पर्श करेगा।”
भजनलाल शर्मा का यह बयान दर्शाता है कि राजस्थान और बिहार की भाजपा सरकारें केंद्र के साथ मिलकर एक मजबूत राजनैतिक ‘नेक्सस’ तैयार कर रही हैं।
स्थिरता और विकास की नई दिशा : वसुंधरा राजे
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी सम्राट चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को नई जिम्मेदारियों के लिए मंगलकामनाएं दीं। राजे ने अपने संदेश में कहा कि यह नई सरकार बिहार को विकास और स्थिरता की ओर ले जाएगी।
राजे का ट्वीट राजस्थान में उनके समर्थकों के बीच भी काफी चर्चा में रहा, जो इसे बिहार और राजस्थान के भाजपा कैडर के बीच बढ़ती एकजुटता के रूप में देख रहे हैं।
मदन राठौड़: “जनकल्याण के नए आयाम”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल का नेता चुने जाने और सीएम बनने पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार अब सुशासन के नए आयाम स्थापित करेगा।
बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री: क्यों अहम है यह बदलाव?
15 अप्रैल 2026 की यह तारीख बिहार के इतिहास में इसलिए भी दर्ज होगी क्योंकि सम्राट चौधरी भारतीय जनता पार्टी के पहले नेता हैं जो बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद एनडीए की कमान संभालने वाले सम्राट चौधरी को राजस्थान भाजपा अपना एक सशक्त वैचारिक साथी मानती है।
राजस्थान और बिहार का ‘पॉलिटिकल कनेक्शन’
राजस्थान और बिहार दोनों राज्यों में भाजपा का वर्तमान नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी के ‘न्यू इंडिया’ विजन पर केंद्रित है। सम्राट चौधरी की ताजपोशी से राजस्थान भाजपा के उन कार्यकर्ताओं में भी ऊर्जा का संचार हुआ है जो अन्य राज्यों में पार्टी के विस्तार को एक सकारात्मक संकेत मानते हैं। आने वाले समय में दोनों राज्यों के बीच विकास परियोजनाओं और राजनैतिक सहयोग में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।


