Rajasthan: बोर्ड एग्जाम देने जा रही 12वीं की छात्रा को आया हार्ट अटैक, सहेलियों के सामने सड़क पर गिरी और मौत हो गई

Rajasthan: बोर्ड एग्जाम देने जा रही 12वीं की छात्रा को आया हार्ट अटैक, सहेलियों के सामने सड़क पर गिरी और मौत हो गई

बांसवाड़ा। जिले में शनिवार सुबह उस समय दर्दनाक हादसा हो गया, जब 12वीं बोर्ड की परीक्षा देने जा रही एक छात्रा की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई। छात्रा सहेलियों के साथ हॉस्टल से स्कूल जा रही थी, तभी उसे चक्कर आया और वह बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।

घटना सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के सागवा गांव की है, जहां सुबह करीब 8:30 बजे यह हादसा हुआ। मृतक छात्रा पूजा कुमारी मीणा 12वीं कक्षा की छात्रा थी और पिछले दो वर्षों से सागवा स्थित सरकारी बालिका छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। वह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सागवा में अध्ययनरत थी और शनिवार को कृषि विज्ञान विषय की बोर्ड परीक्षा देने जा रही थी।

प्रतापगढ़ की रहने वाली थी छात्रा

सज्जनगढ़ थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि पूजा कुमारी मीणा मूल रूप से अरनोद (प्रतापगढ़) की रहने वाली थी। परीक्षा के लिए स्कूल जाते समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। सहेलियों के अनुसार, वह कुछ कदम चलने के बाद लड़खड़ा गई और जमीन पर गिर पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्कूल प्रशासन मौके पर पहुंचे।

प्रिंसिपल ने दर्ज कराई रिपोर्ट

छात्रा को निजी वाहन से सज्जनगढ़ के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान छात्रावास की वार्डन प्रियंका चरपोटा भी साथ रहीं। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया। परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर स्कूल प्रिंसिपल की ओर से थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई है।

दो दिन पहले भी बच्ची की हुई थी मौत

इस घटना से स्कूल, छात्रावास और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। सहेलियां गहरे सदमे में हैं। गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले नागौर जिले से भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जहां एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली 9 साल की छात्रा की खेलते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।

लगातार बढ़ रहीं हार्ट अटैक की घटनाएं

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने कम उम्र में दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों और किशोरों की नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *