‘राहुल गांधी को देश का इतिहास भी नहीं पता’:गिरिराज सिंह बोले- जब भी देश पर संकट आया, देशप्रेमियों ने दान भी दिया और जान भी

‘राहुल गांधी को देश का इतिहास भी नहीं पता’:गिरिराज सिंह बोले- जब भी देश पर संकट आया, देशप्रेमियों ने दान भी दिया और जान भी

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार तंज कसा है। राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें देश के इतिहास का ज्ञान नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता को भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों पंडित जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री के समय आए संकटों से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है, जब भी देश पर संकट आया, देशप्रेमियों ने दान भी दिया है और जान भी। जिस तरह पूर्व प्रधानमंत्रियों ने समय-समय पर देशवासियों से सहयोग मांगा, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देशहित में वही अपील कर रहे हैं। संकट की हर घड़ी में देशवासियों का एकजुट होना ही हमारी असली ताकत है। ‘नरेंद्र मोदी देश और दुनिया में एक सफल राजनेता हैं’ गिरिराज सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी को देश का इतिहास नहीं मालूम है। नरेंद्र मोदी देश और दुनिया में एक सफल राजनेता हैं और कोरोना काल में उन्होंने अपनी इस क्षमता का लोहा मनवाया है। लेकिन राहुल गांधी केवल विरोध की राजनीति कर रहे हैं, जबकि इतिहास के पन्ने कुछ और ही कहते हैं। राहुल गांधी को इतिहास का पाठ पढ़ाते हुए गिरिराज सिंह ने 1962 के भारत-चीन युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या 1962 में चीन की लड़ाई में नेहरू जी असफल थे। उस समय देश के पास सोने की भारी कमी थी और जनता से मदद की अपील की गई थी। उस समय मां-बहन-बेटी ने मंगलसूत्र तक दे दिया था। उन्होंने कहा कि संकट के समय देश की जनता हमेशा अपने नेता के साथ खड़ी हुई है, चाहे वह नेहरू का समय ही क्यों न हो। केंद्रीय मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्र के कार्यकाल की घटना शेयर की गिरिराज सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल की एक घटना साझा करते हुए कहा कि जब अमेरिका से PL 480 के तहत गेहूं आ रहा था। तब खराब गेहूं आने पर शास्त्री जी ने उसे रिजेक्ट कर दिया था। इस फैसला से अधिकारी हैरान थे। शास्त्री जी ने रेडियो पर अपील की थी कि हमारे पास अनाज की कमी है। हमारे पास सप्ताह में एक दिन का अनाज नहीं है, इसलिए हिंदू भाई एकादशी मनाएं और मुस्लिम भाई रोजा रखें। उस समय मैं 10वीं का छात्र था और हमने देखा कि कैसे पूरा देश एक आह्वान पर साथ आ गया था। आज वही भारत अनाज का निर्यात कर रहा है। ‘करोड़ों लोगों ने अपनी सब्सिडी छोड़ दी, जो मोदी के प्रति जनता के अटूट विश्वास’ गिरिराज सिंह ने कहा कि जिस तरह शास्त्री जी ने अनाज के लिए अपील की थी, उसी तरह पीएम मोदी ने देश के संपन्न लोगों से सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। जिससे गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन मिल सके। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों ने अपनी सब्सिडी छोड़ दी, जो मोदी के प्रति जनता के अटूट विश्वास को दर्शाता है। गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत का इतिहास गवाह है कि जब भी किसी सशक्त नेता ने देश के हित में पुकार लगाई है, जनता ने न केवल आर्थिक मदद की है, बल्कि अपनी जान तक देने से पीछे नहीं हटी और न कभी हटेगी। उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत दी कि वे देश की इस गौरवशाली परंपरा और इतिहास को समझें, फिर कोई टिप्पणी करें। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार तंज कसा है। राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें देश के इतिहास का ज्ञान नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता को भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों पंडित जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री के समय आए संकटों से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है, जब भी देश पर संकट आया, देशप्रेमियों ने दान भी दिया है और जान भी। जिस तरह पूर्व प्रधानमंत्रियों ने समय-समय पर देशवासियों से सहयोग मांगा, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देशहित में वही अपील कर रहे हैं। संकट की हर घड़ी में देशवासियों का एकजुट होना ही हमारी असली ताकत है। ‘नरेंद्र मोदी देश और दुनिया में एक सफल राजनेता हैं’ गिरिराज सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी को देश का इतिहास नहीं मालूम है। नरेंद्र मोदी देश और दुनिया में एक सफल राजनेता हैं और कोरोना काल में उन्होंने अपनी इस क्षमता का लोहा मनवाया है। लेकिन राहुल गांधी केवल विरोध की राजनीति कर रहे हैं, जबकि इतिहास के पन्ने कुछ और ही कहते हैं। राहुल गांधी को इतिहास का पाठ पढ़ाते हुए गिरिराज सिंह ने 1962 के भारत-चीन युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या 1962 में चीन की लड़ाई में नेहरू जी असफल थे। उस समय देश के पास सोने की भारी कमी थी और जनता से मदद की अपील की गई थी। उस समय मां-बहन-बेटी ने मंगलसूत्र तक दे दिया था। उन्होंने कहा कि संकट के समय देश की जनता हमेशा अपने नेता के साथ खड़ी हुई है, चाहे वह नेहरू का समय ही क्यों न हो। केंद्रीय मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्र के कार्यकाल की घटना शेयर की गिरिराज सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल की एक घटना साझा करते हुए कहा कि जब अमेरिका से PL 480 के तहत गेहूं आ रहा था। तब खराब गेहूं आने पर शास्त्री जी ने उसे रिजेक्ट कर दिया था। इस फैसला से अधिकारी हैरान थे। शास्त्री जी ने रेडियो पर अपील की थी कि हमारे पास अनाज की कमी है। हमारे पास सप्ताह में एक दिन का अनाज नहीं है, इसलिए हिंदू भाई एकादशी मनाएं और मुस्लिम भाई रोजा रखें। उस समय मैं 10वीं का छात्र था और हमने देखा कि कैसे पूरा देश एक आह्वान पर साथ आ गया था। आज वही भारत अनाज का निर्यात कर रहा है। ‘करोड़ों लोगों ने अपनी सब्सिडी छोड़ दी, जो मोदी के प्रति जनता के अटूट विश्वास’ गिरिराज सिंह ने कहा कि जिस तरह शास्त्री जी ने अनाज के लिए अपील की थी, उसी तरह पीएम मोदी ने देश के संपन्न लोगों से सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। जिससे गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन मिल सके। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों ने अपनी सब्सिडी छोड़ दी, जो मोदी के प्रति जनता के अटूट विश्वास को दर्शाता है। गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत का इतिहास गवाह है कि जब भी किसी सशक्त नेता ने देश के हित में पुकार लगाई है, जनता ने न केवल आर्थिक मदद की है, बल्कि अपनी जान तक देने से पीछे नहीं हटी और न कभी हटेगी। उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत दी कि वे देश की इस गौरवशाली परंपरा और इतिहास को समझें, फिर कोई टिप्पणी करें।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *