Anurag Dhanda Raghav Chadha voter list controversy: पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है, लेकिन इसे लेकर अभी से सियासी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दरअसल, AAP (आम आदमी पार्टी) छोड़कर BJP में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपना नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में ‘शिफ्टेड’ के तौर पर दर्ज किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इसको लेकर आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया। इस पर अब आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने पलटवार किया है।
अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘कभी बोलते हो SIR चुनाव आयोग करवाता है, सरकार नहीं; कभी रोते हो कि SIR में पंजाब सरकार ने वोट कटवा दिया? कहना क्या चाहते हो? पंजाब में तुम रहते नहीं, दिल्ली में तुमने वोट बनवाया नहीं? अब अपनी गलती दूसरों पर थोपना चाहते हो? अब कानूनी सवाल तो यह है कि जो मतदाता ही नहीं है, क्या वह सांसद हो सकता है?’
राघव चड्ढा ने क्या किया था दावा
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा और उस पर बदले की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ‘पंजाब की AAP सरकार ने अब बदले की राजनीति को ड्राफ्ट मतदाता सूची तक पहुंचा दिया है। मैं पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हूं और मेरा वोटर आईडी पंजाब के मोहाली में पंजीकृत है। इसके बावजूद ड्राफ्ट मतदाता सूची में मेरे नाम को ‘शिफ्टेड’ के रूप में दर्ज कर दिया गया है।
सौभाग्य से, यह अभी केवल ड्राफ्ट मतदाता सूची है, अंतिम मतदाता सूची नहीं। ‘दावे और आपत्तियां’ की प्रक्रिया के दौरान नामों में सुधार किया जाता है और यह प्रक्रिया अभी जारी है। अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होगी। मैं SIR दिशानिर्देशों के तहत उपलब्ध उपायों का लाभ उठाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर चुका हूं। यह महज कोई लिपिकीय गलती नहीं लगती। यह राजनीतिक प्रतिशोध का स्पष्ट मामला है।’
‘पंजाब की ड्रॉफ्ट मतदाता सूची AAP की निजी संपत्ति नहीं’
राघव चड्ढा ने इसी पोस्ट में आगे लिखा, ‘अगर मेरा नाम किसी वजह से चिन्हित किया गया था, तो पैराग्राफ 4(d) के तहत मेरा नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया जाना अनिवार्य था। इस निर्देश को नजरअंदाज नहीं किया गया। मेरे मामले में इसका जानबूझकर उल्लंघन किया गया। AAP भले ही पंजाब सरकार चलाती हो, लेकिन पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची उसकी निजी संपत्ति नहीं है।’

