सीतापुर में लखनऊ में न्यायालय के पास से अधिवक्ताओं के चैंबर हटाने के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में सीतापुर के अधिवक्ताओं ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज बार एसोसिएशन सीतापुर के वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए अदालतों का कामकाज ठप रखा। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर घटना की कड़ी निंदा की और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। बार एसोसिएशन सीतापुर के अध्यक्ष अक्षय सहाय और महासचिव सुधीर शर्मा के नेतृत्व में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि लखनऊ में हुए लाठीचार्ज में कई अधिवक्ता घायल हुए हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। ऐसी स्थिति में वकीलों और वादकारियों की अनुपस्थिति को देखते हुए किसी भी मुकदमे में एकपक्षीय अथवा प्रतिकूल आदेश पारित न किए जाएं। अधिवक्ताओं ने इस प्रस्ताव की प्रतियां जनपद न्यायाधीश सहित अन्य न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भेजकर सहयोग की अपेक्षा जताई है। वकीलों का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने जिस तरह अधिवक्ताओं पर बल प्रयोग किया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय व्यवस्था के खिलाफ है। इस कार्रवाई ने पूरे अधिवक्ता समाज को आहत किया है। सोमवार को अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण अदालत परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय और सम्मान की लड़ाई में पूरा अधिवक्ता समाज एकजुट है और उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।


