लखनऊ में निजी स्कूलों के खिलाफ हजरतगंज में विरोध प्रदर्शन। राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने प्राइवेट स्कूलों को लेकर प्रदर्शन किया । इस दौरान मनमानी फीस और शोषण के गंभीर आरोप लगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा फीस में निरंतर की जा रही मनमानी वृद्धि और शिक्षा के नाम पर हो रही व्यापारिक वसूली एक अपराध है। राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने कहा कि “निजी शिक्षण संस्थान आज अभिभावकों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। हर साल किताबों, ड्रेस और बढ़ी हुई फीस के नाम पर लूट मची है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी मांग है कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे और फीस नियंत्रण के लिए कड़े कानून लागू करे। संगठन की मुख्य मांगें 1. उत्तर प्रदेश में ‘फीस रेगुलेशन बिल’ को पूरी कड़ाई के साथ लागू किया जाए। 2. हर साल निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें बदलने के सिंडिकेट को खत्म किया जाए। 3. स्कूलों द्वारा लिए जा रहे ‘एनुअल चार्ज’ और अन्य छिपे हुए शुल्कों पर तत्काल रोक लगे। शिवम ने बताया कि इस प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से छात्र प्रतिनिधि और अभिभावक भी शामिल हुए । राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने इस दिशा में सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारत में अभियान चलाया जाएगा। स्कूल जाने वाले प्रत्येक छात्र और उसके अभिभावक को इस मुहिम से जोड़ा जाएगा। शिक्षा जो सबसे ज्यादा सस्ती और गुणवत्ता वाली चीज होनी चाहिए उसे उतना ही महंगा कर दिया गया और सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार भी पनप रहा है।


