राजधानी पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। टीईटी-एसटीईटी पास अभ्यर्थियों के समर्थन में उतरी कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गयाजी कांग्रेस जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता कर घटना की कड़ी निंदा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अपनी नियुक्ति और रिक्त पदों पर बहाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, शिक्षक अभ्यर्थी लंबे समय से टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने और शिक्षकों के खाली पदों पर बहाली की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर वे पटना के जेपी गोलंबर के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। कई अभ्यर्थी घायल हो गए आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर युवाओं को खदेड़ा। इस कार्रवाई में कई अभ्यर्थी घायल हो गए। कुछ छात्रों के सिर में चोटें आईं, जबकि कई के हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें लगीं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिहार में शिक्षकों के दो लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार बहाली प्रक्रिया को लगातार टाल रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि टीआरई-4 की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। लगातार देरी के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर रहे हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पटना का जेपी गोलंबर एक ऐसे स्थल में बदल गया था, जहां अपने अधिकार की मांग कर रहे युवाओं पर पुलिस ने कार्रवाई की। पार्टी ने नौकरी मांगने वाले युवाओं के साथ इस तरह के व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। गया जिला कांग्रेस कमिटी के जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार ने भी घटना की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, “बिहार के युवा रोजगार मांग रहे हैं, कोई अपराध नहीं कर रहे हैं।” सरकार युवाओं को नौकरी देने के बजाय उन पर डंडे बरसा रही है। यह लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे कांग्रेस पार्टी कभी सफल नहीं होने देगी।” उन्होंने मांग की कि सरकार अविलंब टीआरई-4 की प्रक्रिया शुरू करे और सभी रिक्त पदों पर पारदर्शी तरीके से बहाली सुनिश्चित करे। साथ ही घायल अभ्यर्थियों के समुचित इलाज और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई। कांग्रेस ने घोषणा की कि वह शिक्षक अभ्यर्थियों के संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखेगी। इस मौके पर प्रेस वार्ता में रंजीत कश्यप, युगल किशोर सिंह, प्रदीप शर्मा, भाई ओंकार शक्ति, मदीना खातून, विद्या शर्मा, अर्जुन गुप्ता, अनिल कुमार पासवान, धर्मेन्द्र शर्मा, शिवनाथ प्रसाद और मोहम्मद कमरू, जिला प्रवक्ता अशोक प्रसाद भारती मौके पर रहे। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है। राजधानी पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। टीईटी-एसटीईटी पास अभ्यर्थियों के समर्थन में उतरी कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गयाजी कांग्रेस जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता कर घटना की कड़ी निंदा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अपनी नियुक्ति और रिक्त पदों पर बहाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, शिक्षक अभ्यर्थी लंबे समय से टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने और शिक्षकों के खाली पदों पर बहाली की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर वे पटना के जेपी गोलंबर के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। कई अभ्यर्थी घायल हो गए आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर युवाओं को खदेड़ा। इस कार्रवाई में कई अभ्यर्थी घायल हो गए। कुछ छात्रों के सिर में चोटें आईं, जबकि कई के हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें लगीं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिहार में शिक्षकों के दो लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार बहाली प्रक्रिया को लगातार टाल रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि टीआरई-4 की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। लगातार देरी के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर रहे हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पटना का जेपी गोलंबर एक ऐसे स्थल में बदल गया था, जहां अपने अधिकार की मांग कर रहे युवाओं पर पुलिस ने कार्रवाई की। पार्टी ने नौकरी मांगने वाले युवाओं के साथ इस तरह के व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। गया जिला कांग्रेस कमिटी के जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार ने भी घटना की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, “बिहार के युवा रोजगार मांग रहे हैं, कोई अपराध नहीं कर रहे हैं।” सरकार युवाओं को नौकरी देने के बजाय उन पर डंडे बरसा रही है। यह लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे कांग्रेस पार्टी कभी सफल नहीं होने देगी।” उन्होंने मांग की कि सरकार अविलंब टीआरई-4 की प्रक्रिया शुरू करे और सभी रिक्त पदों पर पारदर्शी तरीके से बहाली सुनिश्चित करे। साथ ही घायल अभ्यर्थियों के समुचित इलाज और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई। कांग्रेस ने घोषणा की कि वह शिक्षक अभ्यर्थियों के संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखेगी। इस मौके पर प्रेस वार्ता में रंजीत कश्यप, युगल किशोर सिंह, प्रदीप शर्मा, भाई ओंकार शक्ति, मदीना खातून, विद्या शर्मा, अर्जुन गुप्ता, अनिल कुमार पासवान, धर्मेन्द्र शर्मा, शिवनाथ प्रसाद और मोहम्मद कमरू, जिला प्रवक्ता अशोक प्रसाद भारती मौके पर रहे। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है।


