किशनगंज एयरपोर्ट के रनवे को 2.5km तक बढ़ाने का प्रस्ताव:जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू, सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों को मिलेगी सुविधा

किशनगंज एयरपोर्ट के रनवे को 2.5km तक बढ़ाने का प्रस्ताव:जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू, सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों को मिलेगी सुविधा

किशनगंज हवाई अड्डे के विकास की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर जिला प्रशासन ने खगड़ा स्थित हवाई अड्डे के रनवे की लंबाई बढ़ाने और चारदीवारी की मरम्मत के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। यह जिले के उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो लंबे समय से हवाई यात्रा का सपना देख रहे हैं। वर्तमान में किशनगंज खगड़ा हवाई अड्डे का रनवे लगभग 900 मीटर लंबा है। यह लंबाई बड़े विमानों के उतरने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जाती, जिसके कारण यहां नियमित उड़ान सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। अब सरकार की पहल के बाद रनवे को बढ़ाकर लगभग दो से ढाई किलोमीटर तक करने की तैयारी है, जिससे मध्यम आकार के विमान आसानी से उतर सकेंगे। जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू रनवे विस्तार के लिए हवाई अड्डे के आसपास की जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके अतिरिक्त, हवाई अड्डे की चारदीवारी के निर्माण और मरम्मत की योजना भी तैयार की गई है। भवन निर्माण विभाग के माध्यम से मरम्मत कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। प्रशासन एयरपोर्ट टर्मिनल भवन के विकास के लिए भी प्रारंभिक तैयारियां कर रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में किशनगंज सहित कई जिलों में हवाई अड्डे के विकास पर चर्चा की थी। इसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। 2.5 किलोमीटर तक रनवे बनाने की योजना हालांकि, हवाई अड्डे के दोनों ओर पश्चिम बंगाल की सीमा नजदीक होने के कारण रनवे विस्तार सीमित दायरे में ही संभव होगा। इसके बावजूद, मौजूदा 900 मीटर रनवे को बढ़ाकर लगभग 2 से 2.5 किलोमीटर तक करने की योजना है। एयरपोर्ट के विकास के साथ आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर के निर्माण का भी प्रस्ताव है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा ढांचा भी विकसित किया जाएगा। आम लोगों के लिए भी सेवा होगी शुरू वर्तमान में किशनगंज हवाई अड्डे पर केवल वीआईपी आवाजाही के दौरान ही विमान उतरते हैं। हालांकि, प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आम लोगों के लिए भी यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। अभी जिले के लोग पश्चिम बंगाल के बागडोगरा और प्रस्तावित पूर्णिया एयरपोर्ट पर निर्भर हैं, लेकिन किशनगंज एयरपोर्ट विकसित होने से सीमांचल क्षेत्र को सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी। किशनगंज हवाई अड्डे के विकास की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर जिला प्रशासन ने खगड़ा स्थित हवाई अड्डे के रनवे की लंबाई बढ़ाने और चारदीवारी की मरम्मत के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। यह जिले के उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो लंबे समय से हवाई यात्रा का सपना देख रहे हैं। वर्तमान में किशनगंज खगड़ा हवाई अड्डे का रनवे लगभग 900 मीटर लंबा है। यह लंबाई बड़े विमानों के उतरने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जाती, जिसके कारण यहां नियमित उड़ान सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। अब सरकार की पहल के बाद रनवे को बढ़ाकर लगभग दो से ढाई किलोमीटर तक करने की तैयारी है, जिससे मध्यम आकार के विमान आसानी से उतर सकेंगे। जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू रनवे विस्तार के लिए हवाई अड्डे के आसपास की जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके अतिरिक्त, हवाई अड्डे की चारदीवारी के निर्माण और मरम्मत की योजना भी तैयार की गई है। भवन निर्माण विभाग के माध्यम से मरम्मत कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। प्रशासन एयरपोर्ट टर्मिनल भवन के विकास के लिए भी प्रारंभिक तैयारियां कर रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में किशनगंज सहित कई जिलों में हवाई अड्डे के विकास पर चर्चा की थी। इसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। 2.5 किलोमीटर तक रनवे बनाने की योजना हालांकि, हवाई अड्डे के दोनों ओर पश्चिम बंगाल की सीमा नजदीक होने के कारण रनवे विस्तार सीमित दायरे में ही संभव होगा। इसके बावजूद, मौजूदा 900 मीटर रनवे को बढ़ाकर लगभग 2 से 2.5 किलोमीटर तक करने की योजना है। एयरपोर्ट के विकास के साथ आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर के निर्माण का भी प्रस्ताव है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा ढांचा भी विकसित किया जाएगा। आम लोगों के लिए भी सेवा होगी शुरू वर्तमान में किशनगंज हवाई अड्डे पर केवल वीआईपी आवाजाही के दौरान ही विमान उतरते हैं। हालांकि, प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आम लोगों के लिए भी यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। अभी जिले के लोग पश्चिम बंगाल के बागडोगरा और प्रस्तावित पूर्णिया एयरपोर्ट पर निर्भर हैं, लेकिन किशनगंज एयरपोर्ट विकसित होने से सीमांचल क्षेत्र को सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी।  

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