भागलपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में उनके तैलचित्र और प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुल्तानगंज के गनगनिया पंचायत के महादलित टोला में जदयू अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष महेश दास ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद विशाल पैदल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। रैली में शामिल लोगों ने ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर अमर रहे’ के नारे लगाए।
युवाओं से अपील मुरारका महाविद्यालय के पास रैदास नगर, दुधैला गांव में भी अंबेडकर जयंती के अवसर पर भव्य रैली निकाली गई। यह शाहाबाद चौक और बैकुंठपुर गांव होते हुए महाविद्यालय परिसर स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर पहुंची। इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए महेश दास ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने देश को समानता, न्याय और स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर रिटायर्ड शिक्षक जमादार दास सहित अन्य वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया था, जिसे अपनाकर ही समाज का समग्र विकास संभव है। भागलपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में उनके तैलचित्र और प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुल्तानगंज के गनगनिया पंचायत के महादलित टोला में जदयू अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष महेश दास ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद विशाल पैदल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। रैली में शामिल लोगों ने ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर अमर रहे’ के नारे लगाए।
युवाओं से अपील मुरारका महाविद्यालय के पास रैदास नगर, दुधैला गांव में भी अंबेडकर जयंती के अवसर पर भव्य रैली निकाली गई। यह शाहाबाद चौक और बैकुंठपुर गांव होते हुए महाविद्यालय परिसर स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर पहुंची। इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए महेश दास ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने देश को समानता, न्याय और स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर रिटायर्ड शिक्षक जमादार दास सहित अन्य वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया था, जिसे अपनाकर ही समाज का समग्र विकास संभव है।


