मुजफ्फरपुर में एक महिला पर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन, प्रतिबंधित मांस खाने और बुर्का पहनने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के सादपुरा मिल्की टोला में दूसरे धर्म के युवक से शादी करने वाली एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उस पर प्रतिबंधित मांस खाने, बुर्का पहनने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उसने ससुर मो. बशीर, सास जिला खातून, देवर मो. शम्मीर और देवरानी अंजुम परवीन को नामजद किया है। दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मारपीट, धमकी और अस्मिता भंग करने की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 2019 में हुई थी शादी, पेशे से हैं शिक्षिका पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि ससुराल पक्ष उसके वैवाहिक संबंध को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और धर्म के आधार पर उसे अपमानित किया जाता है। उसे बार-बार दूसरे धर्म की परंपराओं को अपनाने के लिए मजबूर किया जाता है। विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज की जाती है। महिला यूपीसीएसी की तैयारी कर रही है। पेशे से शिक्षिका है। पति ग्राफिक्स डिजाइनर है। दोनों की शादी 2019 में हुई थी। पति का साथ मिलने से और भड़क गया ससुराल पक्ष महिला ने बताया कि उसका पति हर परिस्थिति में उसका साथ दे रहा है। यही वजह है कि ससुराल पक्ष उससे और अधिक द्वेष रखने लगा है। आवेदन में कहा गया है कि उसके ससुर द्वारा उसके और उसके पति के खिलाफ भरण-पोषण वाद न्यायालय में दायर किया गया है, जो फिलहाल लंबित है। इसी विवाद को लेकर परिवार में तनाव और बढ़ गया है। यह भी आरोप लगाया कि उसे बांझ कहकर अपमानित किया जाता है। कई बार उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उसका कहना है कि ससुराल वाले चाहते हैं कि वह डरकर समझौता कर ले और अपने अधिकारों की लड़ाई छोड़ दे। कपड़े फाड़ने और पिटाई का आरोप आवेदन में आरोप लगाया है कि इस वर्ष 18 फरवरी को आरोपियों ने उसकी अस्मिता भंग करने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट की गई और उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए। कई बार उसकी हत्या करने की भी कोशिश की गई। इसके अलावा 20 से 40 लोगों की भीड़ जुटाकर पंचायत की गई, जहां उसके खिलाफ लोगों को भड़काने का प्रयास किया गया। वैवाहिक संबंध को सांप्रदायिक रंग देकर धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाने की कोशिश की जा रही है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस इधर, थानेदार चंद्रभूषण कुमार सिंह ने बताया कि महिला के आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई की जल्द ही की जाएगी। मुजफ्फरपुर में एक महिला पर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन, प्रतिबंधित मांस खाने और बुर्का पहनने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के सादपुरा मिल्की टोला में दूसरे धर्म के युवक से शादी करने वाली एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उस पर प्रतिबंधित मांस खाने, बुर्का पहनने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उसने ससुर मो. बशीर, सास जिला खातून, देवर मो. शम्मीर और देवरानी अंजुम परवीन को नामजद किया है। दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मारपीट, धमकी और अस्मिता भंग करने की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 2019 में हुई थी शादी, पेशे से हैं शिक्षिका पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि ससुराल पक्ष उसके वैवाहिक संबंध को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और धर्म के आधार पर उसे अपमानित किया जाता है। उसे बार-बार दूसरे धर्म की परंपराओं को अपनाने के लिए मजबूर किया जाता है। विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज की जाती है। महिला यूपीसीएसी की तैयारी कर रही है। पेशे से शिक्षिका है। पति ग्राफिक्स डिजाइनर है। दोनों की शादी 2019 में हुई थी। पति का साथ मिलने से और भड़क गया ससुराल पक्ष महिला ने बताया कि उसका पति हर परिस्थिति में उसका साथ दे रहा है। यही वजह है कि ससुराल पक्ष उससे और अधिक द्वेष रखने लगा है। आवेदन में कहा गया है कि उसके ससुर द्वारा उसके और उसके पति के खिलाफ भरण-पोषण वाद न्यायालय में दायर किया गया है, जो फिलहाल लंबित है। इसी विवाद को लेकर परिवार में तनाव और बढ़ गया है। यह भी आरोप लगाया कि उसे बांझ कहकर अपमानित किया जाता है। कई बार उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उसका कहना है कि ससुराल वाले चाहते हैं कि वह डरकर समझौता कर ले और अपने अधिकारों की लड़ाई छोड़ दे। कपड़े फाड़ने और पिटाई का आरोप आवेदन में आरोप लगाया है कि इस वर्ष 18 फरवरी को आरोपियों ने उसकी अस्मिता भंग करने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट की गई और उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए। कई बार उसकी हत्या करने की भी कोशिश की गई। इसके अलावा 20 से 40 लोगों की भीड़ जुटाकर पंचायत की गई, जहां उसके खिलाफ लोगों को भड़काने का प्रयास किया गया। वैवाहिक संबंध को सांप्रदायिक रंग देकर धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाने की कोशिश की जा रही है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस इधर, थानेदार चंद्रभूषण कुमार सिंह ने बताया कि महिला के आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई की जल्द ही की जाएगी।


