महाराष्ट्र (Maharashtra Weather Update) में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और अगले 3-4 दिनों में कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, मुंबई और आसपास के जिलों में फिलहाल बारिश के आसार नहीं हैं और यहां गर्म व उमस भरा मौसम बना रहेगा।
इन जिलों में होगी प्री-मानसून बारिश
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में 8 मई तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कोल्हापुर, सतारा, सांगली, बीड, लातूर और धाराशिव जैसे जिलों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
घाट और कोंकण के कुछ हिस्सों में भी असर
कोल्हापुर, सतारा और पुणे के घाट क्षेत्रों में भी इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के तटीय इलाकों में 7-8 मई को हल्की बारिश या गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
मुंबई में क्यों नहीं होगी बारिश?
जहां राज्य के अन्य हिस्सों में बारिश की संभावना है, वहीं मुंबई और आसपास के इलाकों (MMR) के लिए कोई खास राहत की खबर नहीं है। पालघर, ठाणे, मुंबई और रायगढ़ जैसे तटीय जिलों में अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम गर्म और उमस भरा (Hot and Humid) बना रहेगा।
मौसम विभाग ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि आसपास के क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधि बढ़ने के बावजूद मुंबई शहर और कोंकण में बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है।
मौसम के जानकारों का कहना है कि वर्तमान मौसम प्रणाली के कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिखरी हुई बारिश हो रही है, लेकिन मुंबई तक इसका असर नहीं पहुंच पा रहा है।
मौसम में इस दिन होगा बड़ा बदलाव
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आने के साथ-साथ मध्य प्रदेश से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ (दबाव की रेखा) सक्रिय हो रही है।
इसी कारण 7-8 मई के आसपास कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि यह बारिश पूरे राज्य में एक जैसी नहीं होगी, बल्कि अलग-अलग जगहों पर सीमित रूप से देखने को मिलेगी।
क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग की वैज्ञानिक एसडी सनप के मुताबिक, मौसम में यह बदलाव बदलती हुई सिनॉप्टिक स्थितियों के कारण हुआ है। उन्होंने बताया कि यह पैटर्न प्री-मानसून सीजन के अनुरूप है, जहां नमी के प्रवाह और ऊपरी हवा के ट्रफ के कारण पूरे राज्य में व्यापक बारिश नहीं होती, बल्कि स्थानीय स्तर पर आंधी-तूफान और बौछारें देखने को मिलती हैं। ऐसे में जहां एक ओर कुछ जिलों को गर्मी से राहत मिल सकती है, वहीं मुंबई समेत कई तटीय इलाकों को अभी उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ेगी।


