अरवल जिले के कुर्था थाना में पदस्थापित एसआई प्रीति कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। उन पर कुर्की-जब्ती वारंट जारी होने के बावजूद थाना में योगदान देने और काम में लापरवाही बरतने का आरोप है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नवजोत सिमी के आदेश पर की गई है। जानकारी के अनुसार, यह मामला करपी प्रखंड के खजूरी पंचायत के पैक्स चुनाव के दौरान मुखिया अभिषेक रंजन की मां के साथ हुई कथित पुलिस बर्बरता से जुड़ा है। इस मामले में परिवादी तनीषा सिंह ने व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर किया था। लगातार फरार चल रही दरोगा प्रीति कुमारी के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की-जब्ती का वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बावजूद, प्रीति कुमारी को कथित तौर पर ‘झूठ का सहारा लेकर’ करपी थाने से कुर्था थाना में पदस्थापित कराया गया था। कांड संख्या 336/24 में अरवल डीएसपी कृति कमल, तत्कालीन थाना प्रभारी उमेश राम, राघव कुमार झा, रोहित कुमार और प्रीति कुमारी को आरोपी बनाया गया था। वारंट जारी होने के बाद भी कार्रवाई न होने पर परिवादी ने पुनः व्यवहार न्यायालय में कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अरवल एसपी नवजोत सिमी ने कुर्था थाने का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें प्रीति कुमारी की गतिविधियों पर संदेह हुआ। एसपी ने थाना प्रभारी कुर्था से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर तत्काल प्रभाव से प्रीति कुमारी को निलंबित कर दिया। प्रतिवेदन में उल्लेख था कि एसआई प्रीति कुमारी बिना किसी पूर्व सूचना के थाना से अनुपस्थित रहीं, जो उनके मनमानेपन, अनुशासनहीनता, घोर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता को दर्शाता है। अरवल जिले के कुर्था थाना में पदस्थापित एसआई प्रीति कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। उन पर कुर्की-जब्ती वारंट जारी होने के बावजूद थाना में योगदान देने और काम में लापरवाही बरतने का आरोप है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नवजोत सिमी के आदेश पर की गई है। जानकारी के अनुसार, यह मामला करपी प्रखंड के खजूरी पंचायत के पैक्स चुनाव के दौरान मुखिया अभिषेक रंजन की मां के साथ हुई कथित पुलिस बर्बरता से जुड़ा है। इस मामले में परिवादी तनीषा सिंह ने व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर किया था। लगातार फरार चल रही दरोगा प्रीति कुमारी के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की-जब्ती का वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बावजूद, प्रीति कुमारी को कथित तौर पर ‘झूठ का सहारा लेकर’ करपी थाने से कुर्था थाना में पदस्थापित कराया गया था। कांड संख्या 336/24 में अरवल डीएसपी कृति कमल, तत्कालीन थाना प्रभारी उमेश राम, राघव कुमार झा, रोहित कुमार और प्रीति कुमारी को आरोपी बनाया गया था। वारंट जारी होने के बाद भी कार्रवाई न होने पर परिवादी ने पुनः व्यवहार न्यायालय में कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अरवल एसपी नवजोत सिमी ने कुर्था थाने का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें प्रीति कुमारी की गतिविधियों पर संदेह हुआ। एसपी ने थाना प्रभारी कुर्था से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर तत्काल प्रभाव से प्रीति कुमारी को निलंबित कर दिया। प्रतिवेदन में उल्लेख था कि एसआई प्रीति कुमारी बिना किसी पूर्व सूचना के थाना से अनुपस्थित रहीं, जो उनके मनमानेपन, अनुशासनहीनता, घोर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता को दर्शाता है।


