बिहार के घरों, दुकानों से निकलने वाले गंदे पानी का इस्तेमाल अब खेती-बागवानी में किए जाएंगे। दरअसल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के ट्रीटेड पानी के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा पॉलिसी बनाई जा रही है। इससे अब यह पानी न केवल नदियों में छोड़े जाएंगे, बल्कि पार्कों, सड़क किनारे पौधों, सरकारी परिसर के बगीचों में सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल किए जाएंगे। वहीं, सड़क सफाई, निर्माण कार्य, कार वाशिंग, आदि में भी इसे यूज किया जा सकता है। पटना में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की क्षमता स्थान – क्षमता (एमएलडी में) बेउर- 40.46 करमलीचक- 45.23 सैदपुर- 57.09 पहाड़ी- 40.83 बाढ़- 5.092 मनेर- 3.35 दानापुर- 18.20 पहाड़ी V- 23 फुलवारीशरीफ- 4.05 फैक्ट्री को निर्धारित दर में उपलब्ध होगा STP का पानी बुडको द्वारा बिहार के सभी STP संचालित होते हैं। बुडको प्रशासन के अनुसार पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया में कई फैक्ट्रियां हैं, जहां पर बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल एक्सटर्नल वर्क के लिए किया जाता है। ऐसे में ट्रीटेड वॉटर का इस्तेमाल करने से जो टैप वॉटर है, उसकी बचत होगी। इस पहल से भूजल पर दबाव घटेगा और उद्योगों को पानी की आसान उपलब्धता होगी। कारखानों और उद्योगों को सस्ते में पानी उपलब्ध कराने के लिए दर को तय किया जाएगा। इसके लिए बुडको कंपनियों से कांटेक्ट करेगी और जरूरत होने पर उन्हें STP का पानी उपलब्ध कराएगी। STP का पानी ट्रीट करके गंगा-पुनपुन में छोड़ा जा रहा अभी फिलहाल पटना में STP का पानी ट्रीट करके गंगा या फिर पुनपुन में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा कुछ पानी का इस्तेमाल मनेर में खेती के लिए भी किया जा रहा है। अभी राज्यभर में कुल 13 STP बनकर तैयार हो चुके हैं। इसमें बेउर, करमलीचक, सैदपुर, पहाड़ी, मुंगेर, बाढ़, सोनपुर, सुल्तानगंज, छपरा, पहाड़ी V, मनेर, दानापुर और फुलवारीशरीफ शामिल हैं। इनमें से 10 STP सिर्फ पटना जिले में स्थापित किए गए हैं। ट्रायल फेज में बिहार के 7 STP प्लांट शहर – क्षमता (एमएलडी में) दीघा – 25 एमएलडी कंकड़बाग – 20 एमएलडी बेगूसराय – 2 एमएलडी मोकामा – 3.5 एमएलडी फतुहा – 1.2 एमएलडी बख्तियारपुर – 3.5 एमएलडी भागलपुर – 15 एमएलडी दो STP के लिए टेंडर जारी, पांच नए बनाने की तैयारी वहीं, 7 STP अभी ट्रायल रन स्टेज में हैं, जिनमें से पांच पटना जिले में स्थित हैं। बुडको द्वारा दो नए शहरों में STP निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोतिहारी और रक्सौल में STP निर्माण का काम शुरू होगा। मोतिहारी में 30 एमएलडी और रक्सौल में 12 एमएलडी मिलाकर दोनों स्थानों पर STP बन जाने के बाद कुल 35 एमएलडी सीवेज का ट्रीटमेंट किया जा सकेगा। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दो वर्ष का समय निर्धारित किया गया है। बिहार के घरों, दुकानों से निकलने वाले गंदे पानी का इस्तेमाल अब खेती-बागवानी में किए जाएंगे। दरअसल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के ट्रीटेड पानी के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा पॉलिसी बनाई जा रही है। इससे अब यह पानी न केवल नदियों में छोड़े जाएंगे, बल्कि पार्कों, सड़क किनारे पौधों, सरकारी परिसर के बगीचों में सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल किए जाएंगे। वहीं, सड़क सफाई, निर्माण कार्य, कार वाशिंग, आदि में भी इसे यूज किया जा सकता है। पटना में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की क्षमता स्थान – क्षमता (एमएलडी में) बेउर- 40.46 करमलीचक- 45.23 सैदपुर- 57.09 पहाड़ी- 40.83 बाढ़- 5.092 मनेर- 3.35 दानापुर- 18.20 पहाड़ी V- 23 फुलवारीशरीफ- 4.05 फैक्ट्री को निर्धारित दर में उपलब्ध होगा STP का पानी बुडको द्वारा बिहार के सभी STP संचालित होते हैं। बुडको प्रशासन के अनुसार पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया में कई फैक्ट्रियां हैं, जहां पर बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल एक्सटर्नल वर्क के लिए किया जाता है। ऐसे में ट्रीटेड वॉटर का इस्तेमाल करने से जो टैप वॉटर है, उसकी बचत होगी। इस पहल से भूजल पर दबाव घटेगा और उद्योगों को पानी की आसान उपलब्धता होगी। कारखानों और उद्योगों को सस्ते में पानी उपलब्ध कराने के लिए दर को तय किया जाएगा। इसके लिए बुडको कंपनियों से कांटेक्ट करेगी और जरूरत होने पर उन्हें STP का पानी उपलब्ध कराएगी। STP का पानी ट्रीट करके गंगा-पुनपुन में छोड़ा जा रहा अभी फिलहाल पटना में STP का पानी ट्रीट करके गंगा या फिर पुनपुन में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा कुछ पानी का इस्तेमाल मनेर में खेती के लिए भी किया जा रहा है। अभी राज्यभर में कुल 13 STP बनकर तैयार हो चुके हैं। इसमें बेउर, करमलीचक, सैदपुर, पहाड़ी, मुंगेर, बाढ़, सोनपुर, सुल्तानगंज, छपरा, पहाड़ी V, मनेर, दानापुर और फुलवारीशरीफ शामिल हैं। इनमें से 10 STP सिर्फ पटना जिले में स्थापित किए गए हैं। ट्रायल फेज में बिहार के 7 STP प्लांट शहर – क्षमता (एमएलडी में) दीघा – 25 एमएलडी कंकड़बाग – 20 एमएलडी बेगूसराय – 2 एमएलडी मोकामा – 3.5 एमएलडी फतुहा – 1.2 एमएलडी बख्तियारपुर – 3.5 एमएलडी भागलपुर – 15 एमएलडी दो STP के लिए टेंडर जारी, पांच नए बनाने की तैयारी वहीं, 7 STP अभी ट्रायल रन स्टेज में हैं, जिनमें से पांच पटना जिले में स्थित हैं। बुडको द्वारा दो नए शहरों में STP निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोतिहारी और रक्सौल में STP निर्माण का काम शुरू होगा। मोतिहारी में 30 एमएलडी और रक्सौल में 12 एमएलडी मिलाकर दोनों स्थानों पर STP बन जाने के बाद कुल 35 एमएलडी सीवेज का ट्रीटमेंट किया जा सकेगा। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दो वर्ष का समय निर्धारित किया गया है।


