गोपालगंज में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय के भाई सतीश पांडेय के पैतृक आवास पर पुलिस ने दबिश दी है। बुधवार की शाम पुलिस टीम ने कुर्की-जब्ती से पूर्व की कार्रवाई के तहत उनके आवास पर इश्तहार चिपकाया। साथ ही डुगडुगी बजाकर इसकी घोषणा की। घटना हथुआ प्रखंड स्थित नया गांव तुलसिया की है। यह कार्रवाई भू-माफियाओं को संरक्षण देने और अवैध जमीन कब्जे से जुड़े एक गंभीर मामले में की गई है। आरोप है कि कुचायकोट के बेलवा इलाके में लगभग 16 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। इस मामले में जदयू विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी सहित कई अन्य लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। आरोपियों पर समर्पण का दबाव बना रही पुलिस पुलिस इश्तहार चिपकाकर आरोपियों पर समर्पण का दबाव बना रही है। वहीं, इस हाई-प्रोफाइल मामले में आज न्यायालय में सुनवाई भी होनी है। विधायक पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट आज फैसला सुना सकता है या मामले की अगली दिशा तय कर सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजरें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं। आत्मसमर्पण नहीं करने पर कुर्की-जब्ती की होगी कार्रवाई थानाध्यक्ष दर्पण सुमन ने बताया कि यह कार्रवाई कानून के मुताबिक की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपी निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो पुलिस कोर्ट से आदेश प्राप्त कर कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस खबर ने जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि पप्पू पांडेय सत्ताधारी दल के विधायक हैं। उनका परिवार लंबे समय से जिले की राजनीति और प्रभाव में अहम स्थान रखता है। तुलसिया आवास पर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है। गोपालगंज में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय के भाई सतीश पांडेय के पैतृक आवास पर पुलिस ने दबिश दी है। बुधवार की शाम पुलिस टीम ने कुर्की-जब्ती से पूर्व की कार्रवाई के तहत उनके आवास पर इश्तहार चिपकाया। साथ ही डुगडुगी बजाकर इसकी घोषणा की। घटना हथुआ प्रखंड स्थित नया गांव तुलसिया की है। यह कार्रवाई भू-माफियाओं को संरक्षण देने और अवैध जमीन कब्जे से जुड़े एक गंभीर मामले में की गई है। आरोप है कि कुचायकोट के बेलवा इलाके में लगभग 16 एकड़ की कीमती जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। इस मामले में जदयू विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी सहित कई अन्य लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। आरोपियों पर समर्पण का दबाव बना रही पुलिस पुलिस इश्तहार चिपकाकर आरोपियों पर समर्पण का दबाव बना रही है। वहीं, इस हाई-प्रोफाइल मामले में आज न्यायालय में सुनवाई भी होनी है। विधायक पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट आज फैसला सुना सकता है या मामले की अगली दिशा तय कर सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजरें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं। आत्मसमर्पण नहीं करने पर कुर्की-जब्ती की होगी कार्रवाई थानाध्यक्ष दर्पण सुमन ने बताया कि यह कार्रवाई कानून के मुताबिक की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपी निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो पुलिस कोर्ट से आदेश प्राप्त कर कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस खबर ने जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि पप्पू पांडेय सत्ताधारी दल के विधायक हैं। उनका परिवार लंबे समय से जिले की राजनीति और प्रभाव में अहम स्थान रखता है। तुलसिया आवास पर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।


