प्रयागराज में माफिया और उनके गुर्गों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। हालिया घटनाओं के बाद पुलिस महकमा सख्त मोड में आ गया है और अब अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए गए हैं। इसके साथ ही उन थाना प्रभारियों की भी जवाबदेही तय की जा रही है, जिन्होंने अब तक इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए।
ढाई साल का हिसाब मांगा गया
एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजय पाल शर्मा ने जिले भर के सभी थाना प्रभारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उनसे पूछा है कि पिछले ढाई वर्षों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कितने अपराधियों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क किया गया। इसके अलावा भूमाफिया के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोलने और अन्य कार्रवाई का भी पूरा ब्यौरा मांगा गया है।
करेली हत्याकांड के बाद सख्ती
यह पूरी कवायद हाल ही में करेली इलाके में हुए चर्चित प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड के बाद तेज हुई है। इस मामले में माफिया अतीक अहमद के गैंग से जुड़े कुख्यात शूटर आसिफ दुर्रानी को मुख्य आरोपी बताया गया है। सामने आया है कि दुर्रानी पर 2016 में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया जा चुका था, इसके बावजूद उसकी अवैध संपत्तियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सूत्रों के मुताबिक, अफसरों तक जानकारी पहुंची है कि दुर्रानी समेत कई अपराधी प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार में सक्रिय हैं और इसी आड़ में माफिया नेटवर्क को फिर से मजबूत कर रहे हैं।
माफिया से जुड़े लोग बने प्रॉपर्टी डीलर
जांच में यह भी सामने आया है कि माफिया गैंग के कई सदस्य अब खुलकर जमीन खरीद-फरोख्त और प्लॉटिंग के काम में लगे हैं। करेली हत्याकांड में मारे गए इरफान का भी आपराधिक कनेक्शन सामने आया है। वह अशरफ का गनर रह चुका था और बाद में प्रॉपर्टी के धंधे में सक्रिय था।
इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कैसे माफिया के गुर्गे शहर में खुलेआम कारोबारी बनकर सक्रिय हैं और उन पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
भूमाफिया पर भी ढिलाई
दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से हाल ही में घोषित किए गए भूमाफिया के खिलाफ भी कार्रवाई अटकी है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने हाल ही में 18 लोगों को भूमाफिया घोषित किया गया था, जिनमें इमरान, जीशान उर्फ जानू, मोहम्मद मुस्लिम, फहीम जैसे नाम शामिल हैं।
हालांकि, इस कार्रवाई को करीब दो महीने बीत जाने के बावजूद कई के खिलाफ अब तक हिस्ट्रीशीट तक नहीं खोली गई है। इस पर भी एडिशनल सीपी ने संबंधित थाना प्रभारियों से जवाब मांगा है। इसकी है तैयारी
गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्तियों की कुर्की तेज करना
भूमाफिया की हिस्ट्रीशीट खोलना
प्रॉपर्टी डीलिंग के नाम पर चल रहे अवैध नेटवर्क की जांच
थाना स्तर पर जवाबदेही तय करना बोले, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
एडिशनल सीपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सभी थाना प्रभारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद यह समीक्षा की जाएगी कि किसने कार्रवाई की और किस स्तर पर लापरवाही हुई। जो दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


