गंदे पानी से होकर लोगों को गुजरना पड़ रहा:जलजमाव और बदबू हर दिन की बनी परेशानी, गंदगी से सड़ने लगा है पानी

गंदे पानी से होकर लोगों को गुजरना पड़ रहा:जलजमाव और बदबू हर दिन की बनी परेशानी, गंदगी से सड़ने लगा है पानी

बिहार शरीफ नगर निगम के वार्ड नंबर-49 अंतर्गत राणा बीघा मोहल्ले में नारकीय स्थिति है। पिछले कई महीनों से सड़क पर जलजमाव और कीचड़ से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। सबसे विकट स्थिति मोहल्ले के मुख्य मार्ग की है, जहां जलजमाव के कारण मंदिर और पुस्तकालय जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। स्थानीय लोगों को चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए अब पूरे गांव का चक्कर काटकर लंबे रास्ते से जाना पड़ रहा है। आलम यह है कि पूजा-अर्चना के लिए मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और पुस्तकालय आने वाले लोगों को गंदे नाले के पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है। शिकायत करने के बाद भी फायदा नहीं
मोहल्ले की निवासी और सदर अस्पताल में आशा कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत सुचित्रा कुमारी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि घर के सामने मंदिर और पुस्तकालय होने के बावजूद वहां पहुंचना दूभर है। उन्होंने स्वास्थ्य चिंताओं को उजागर करते हुए कहा कि एक तरफ अस्पताल में हमें साफ-सफाई और डेंगू से बचाव की सीख दी जाती है, वहीं दूसरी तरफ हमारे अपने घर के सामने गंदगी और सड़ा हुआ पानी जमा है, जो बीमारियों को न्योता दे रहा है। सुचित्रा का आरोप है कि नाले का निर्माण न होने के कारण सारा पानी सड़क पर बह रहा है, लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बावजूद किसी भी प्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
बदबू के कारण मोहल्ले में रुकना मुश्किल वहीं, कमला देवी और सुलेखा देवी ने बताया कि यह समस्या पिछले 6 महीने से एक साल के बीच लगातार बनी हुई है। गंदगी और बदबू के कारण मोहल्ले में रुकना मुश्किल हो गया है। जीविका कार्यालय और पुस्तकालय होने के कारण यहां अधिकारियों का भी आना-जाना लगा रहता है, लेकिन वे भी दूसरे रास्तों से घूमकर निकल जाते हैं। स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस समस्या से लगभग 2 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। यह गांव का मुख्य रास्ता है, फिर भी निगम की टीम केवल आती है और स्थिति देखकर वापस लौट जाती है, समाधान के नाम पर अब तक धरातल पर कुछ नहीं हुआ है।
आवेदन या शिकायत नहीं मिली है बिहार शरीफ नगर निगम के स्वच्छता मैनेजर कुंदन कुमार ने मामले से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अब तक इस संबंध में न तो कोई लिखित आवेदन मिला है और न ही मौखिक शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि मोहल्ले वासी लिखित शिकायत करते हैं, तो मामले पर त्वरित संज्ञान लिया जाएगा। स्वच्छता मैनेजर ने बताया कि निगम के पास पंप सेट की सुविधा उपलब्ध है और जहां भी जलजमाव की सूचना मिलती है, वहां मशीन लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की जाती है ताकि स्वच्छता बरकरार रहे। बिहार शरीफ नगर निगम के वार्ड नंबर-49 अंतर्गत राणा बीघा मोहल्ले में नारकीय स्थिति है। पिछले कई महीनों से सड़क पर जलजमाव और कीचड़ से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। सबसे विकट स्थिति मोहल्ले के मुख्य मार्ग की है, जहां जलजमाव के कारण मंदिर और पुस्तकालय जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। स्थानीय लोगों को चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए अब पूरे गांव का चक्कर काटकर लंबे रास्ते से जाना पड़ रहा है। आलम यह है कि पूजा-अर्चना के लिए मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और पुस्तकालय आने वाले लोगों को गंदे नाले के पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है। शिकायत करने के बाद भी फायदा नहीं
मोहल्ले की निवासी और सदर अस्पताल में आशा कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत सुचित्रा कुमारी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि घर के सामने मंदिर और पुस्तकालय होने के बावजूद वहां पहुंचना दूभर है। उन्होंने स्वास्थ्य चिंताओं को उजागर करते हुए कहा कि एक तरफ अस्पताल में हमें साफ-सफाई और डेंगू से बचाव की सीख दी जाती है, वहीं दूसरी तरफ हमारे अपने घर के सामने गंदगी और सड़ा हुआ पानी जमा है, जो बीमारियों को न्योता दे रहा है। सुचित्रा का आरोप है कि नाले का निर्माण न होने के कारण सारा पानी सड़क पर बह रहा है, लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बावजूद किसी भी प्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
बदबू के कारण मोहल्ले में रुकना मुश्किल वहीं, कमला देवी और सुलेखा देवी ने बताया कि यह समस्या पिछले 6 महीने से एक साल के बीच लगातार बनी हुई है। गंदगी और बदबू के कारण मोहल्ले में रुकना मुश्किल हो गया है। जीविका कार्यालय और पुस्तकालय होने के कारण यहां अधिकारियों का भी आना-जाना लगा रहता है, लेकिन वे भी दूसरे रास्तों से घूमकर निकल जाते हैं। स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस समस्या से लगभग 2 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। यह गांव का मुख्य रास्ता है, फिर भी निगम की टीम केवल आती है और स्थिति देखकर वापस लौट जाती है, समाधान के नाम पर अब तक धरातल पर कुछ नहीं हुआ है।
आवेदन या शिकायत नहीं मिली है बिहार शरीफ नगर निगम के स्वच्छता मैनेजर कुंदन कुमार ने मामले से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अब तक इस संबंध में न तो कोई लिखित आवेदन मिला है और न ही मौखिक शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि मोहल्ले वासी लिखित शिकायत करते हैं, तो मामले पर त्वरित संज्ञान लिया जाएगा। स्वच्छता मैनेजर ने बताया कि निगम के पास पंप सेट की सुविधा उपलब्ध है और जहां भी जलजमाव की सूचना मिलती है, वहां मशीन लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की जाती है ताकि स्वच्छता बरकरार रहे।  

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