पश्चिम मध्य रेलवे के कटनी जंक्शन और मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर पार्किंग व्यवस्था डेढ़ माह से अव्यवस्थित और असुरक्षित है। दोनों प्रमुख स्टेशनों के पार्किंग ठेके समाप्त हो चुके हैं, लेकिन नई निविदा प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इससे प्रतिदिन हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कटनी मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-5 स्थित पार्किंग स्टैंड का ठेका 30 मार्च को समाप्त हो गया था। इसके बाद से रेलवे प्रशासन नई निविदा जारी करने में विफल रहा है। वर्तमान में यहाँ कोई अधिकृत कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं है। सैकड़ों नौकरीपेशा, व्यापारी और छात्र अपने दोपहिया व चारपहिया वाहन खुले में छोड़ने को मजबूर हैं, जिससे वाहन चोरी का खतरा बढ़ गया है। पूर्व में भी यहाँ से वाहन चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मुड़वारा रेलवे स्टेशन की स्थिति भी समान है, जहाँ मुख्य प्रवेश द्वार के पास पार्किंग स्टैंड का ठेका लगभग एक महीने पहले खत्म हो चुका है। स्थानीय निवासियों और यात्रियों के अनुसार, ठेका समाप्त होने के बाद से इस परिसर पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग गया है। देर शाम होते ही यहाँ शराबखोरी, हुड़दंग और संदिग्ध गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। इन गतिविधियों के कारण स्टेशन आने-जाने वाले परिवारों और विशेषकर महिला यात्रियों को असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बावजूद अब तक रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) या स्थानीय पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बिना रसीद के चल रही है अवैध वसूली
इस पूरी अव्यवस्था का सबसे गंभीर पहलू यह है कि पार्किंग टेंडर न होने का फायदा कुछ रसूखदार और असामाजिक तत्व उठा रहे हैं। दोनों ही स्टेशनों पर बाहरी और अनजान यात्रियों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
यात्रियों का आरोप है कि ये अवैध कारिंदे मनमाने तरीके से 20 से 50 रुपये तक का शुल्क वसूलते हैं। मांगने पर कोई आधिकारिक रसीद नहीं दी जाती और न ही वाहन की सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी ली जाती है। यदि कोई यात्री इसका विरोध करता है, तो उसके साथ गाली-गलौज और विवाद किया जाता है।
राजस्व ही नहीं, सुरक्षा का भी है मामला
स्टेशन से रोजाना अप-डाउन करने वाले दैनिक यात्रियों का कहना है कि पार्किंग व्यवस्था केवल रेलवे के लिए राजस्व (Revenue) कमाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से सीधा जुड़ा मुद्दा है। बिना किसी अधिकृत ठेके और सुरक्षा इंतजामों के वाहनों को छोड़ना एक बड़े जोखिम को आमंत्रण देना है। यात्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि रेलवे प्रशासन ने जल्द ही नई निविदा जारी कर वैध पार्किंग व्यवस्था लागू नहीं की, तो यहाँ किसी भी दिन बड़ी वाहन चोरी या अप्रिय हिंसक घटना घटित हो सकती है।


