Patriot air defense system: जंग के बीच यूक्रेन को बड़ा झटका, पैट्रियट इंटरसेप्टर खत्म, अब कौन बचाएगा कीव को?

Patriot air defense system: जंग के बीच यूक्रेन को बड़ा झटका, पैट्रियट इंटरसेप्टर खत्म, अब कौन बचाएगा कीव को?

Russia-Ukraine war: रूस-यूक्रेन जंग को जल्द ही पांच साल पूरे होने को है। साल 2022 के फरवरी में शुरु रूसी हमले के बाद यूक्रेन लगातार हमले झेल रहा है। अमेरिकी और यूरोपीय मदद के भरोसे वह अब तक जंग के मैदान में टिका हुआ है, लेकिन अब जानकारी सामने आ रही है कि यूक्रेन के पास अमेरिका में बनी ‘पैट्रियट’ एयर डिफेंस सिस्टम के लिए मिसाइलें खत्म हो गई हैं, जिससे वह रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के सामने असुरक्षित हो गया है।

अमेरिका खुद हथियारों की कमी से जूझ रहा

अमेरिकी मीडिया चैनल CNN ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह कमी ऐसे समय में सामने आई है, जब ईरान संग जंग में अमेरिका खुद हथियारों की कमी से जूझ रहा है। अमेरिकी हथियारों के भंडार पर भारी दबाव है। इसके साथ ही, वाशिंगटन रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर भी खुश नहीं है। कीव और वाशिंगटन के बीच इस पर तनाव कायम है। वहीं, अमेरिकी सैन्य मदद को लेकर भी अनिश्चितता का माहौल कायम है।

रूसी हमले को रोकने में नाकाम रहा यूक्रेन

CNN ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बीते दिनों पैट्रियट इंटरसेप्टर की कमी के कारण यूक्रेन, रूस की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने में पूरी तरह से नाकाम रहा। इसके कारण यूक्रेन के तीन पावर प्लांट और खार्किव के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान हुआ है। वहीं, रूसी हमले में चार लोगों की मौत हो गई और 25 घायल हुए हैं।

क्यों पेट्रियट मिसाइल हैं यूक्रेन के लिए बेहद जरूरी

पेट्रियट मिसाइल की कमी ने यूक्रेन की उस क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके जरिए वह अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करता है। क्योंकि, यूक्रेन के ऊर्जा संस्थानों पर रूसी हमले तेज हो गए हैं। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि ये इंटरसेप्टर बहुत महंगे हैं और दुनिया भर में इनकी भारी कमी है। कई देश अपने मौजूदा भंडार का इस्तेमाल कर चुके हैं या फिर युद्ध के माहौल (जिसमें ईरान भी शामिल है) को देखते हुए अपने एयर डिफेंस सिस्टम को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इस कमी ने इस बात को लेकर चिंता बढ़ा दी है कि क्या वाशिंगटन अपनी और अपने सहयोगियों की सैन्य जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ यूक्रेन की जरूरतों को भी पूरा कर पाएगा।

ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बिगड़ गई है बात

एक रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबंध फिर से खराब हो गए हैं। अमेरिका का रूस से डीजल आयात करने के समझौते पर जेलेंस्की ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि कीव ने रूस की तेल सुविधाओं पर हमले अस्थायी रूप से रोक दिए थे, लेकिन इसके बावजूद रूस यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखे हुए है। यह विवाद अब केवल हथियारों की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें अमेरिकी खुफिया जानकारी और सैटेलाइट संचार भी शामिल हो गए हैं।

रूसी हमले को लेकर नहीं मिले अर्ली वार्निंग अलर्ट का मैसेज

यूक्रेनी अधिकारियों ने CNN को बताया कि उन्हें रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों के लॉन्च होने के बारे में वे ‘अर्ली-वार्निंग अलर्ट’ (शुरुआती चेतावनी) नहीं मिले, जिनकी मदद से पहले अधिकारियों को नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए आगाह करने में मदद मिलती थी। इसके अलावा, यूक्रेनी सैन्य ड्रोन द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ‘स्टारलिंक’ कनेक्टिविटी पर लगी पाबंदियों के कारण कुछ आक्रामक और रक्षात्मक अभियानों में बाधा आई। स्टार लिंक के बंद होने को लेकर स्पेस एक्स के मालिक एलन मस्क का बयान भी सामने आया है। मस्क ने साफ तौर पर कहा कि सैन्य स्तर के ‘स्टारशील्ड’ के एक्सेस के सभी फैसले अमेरिकी सरकार लेती है।

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