Gulab Kothari Articles : स्पंदन : क्या शिक्षाविदों (आधुनिक) को यह अनुमान भी है कि वर्तमान स्त्री शिक्षा स्त्री को सशक्त बनाने के बजाए स्त्रैण तत्वों से ही दूर ले जा रही है? उसको स्त्री का भाव छोडक़र पुरुष भाव में जीने को प्रेरित एवं शिक्षित कर रही है। उसी का परिणाम है कि समाज में पुरुष तो वहीं खड़ा है, केवल स्त्रियों में परिवर्तन आ रहा है।

