पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के ‘बेडरूम’ वाले विवादित बयान पर राजनीति गरमा गई है। वे बुधवार को भी अपने बयान पर अड़े रहे। उन्होंने महिला आयोग के नोटिस को ‘रद्दी की टोकरी’ में फेंकने की बात कही। अपनी बात सही साबित करने के लिए उन्होंने नया आरोप लगाया है। कहा कि 70-80% नेता ‘पोर्न’ देखते हैं। हिम्मत है तो सबके फोन चेक किया जाए। इसपर जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा कि पप्पू यादव पागल हो गए हैं। उन्हें पहले अपनी सांसद पत्नी (रंजीत रंजन) से पूछना चाहिए कि वो राजनीति में कैसे आईं। वहीं, भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह ने इसे ‘कौरवों जैसी दुष्ट सोच’ बताया है। दरअसल, पप्पू ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा था कि बिना नेता के कमरे में गए 90% महिलाएं राजनीति नहीं कर सकतीं। इसपर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने उन्हें नोटिस भेज कर 3 दिन में जवाब मांगा है। कहा कि अगर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो एक प्रतिनिधिमंडल स्पीकर ओम बिरला से मिलेगा और उनकी सांसदी रद्द करने की सिफारिश करेगा। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख विजया रहाटकर ने बयान को आपत्तिजनक बताते हुए माफी मांगने के लिए कहा है। बयान दुष्ट सोच को दर्शाता है : श्रेयसी पप्पू यादव के बयान पर भाजपा महिला विधायकों ने पलटवार किया है। श्रेयसी सिंह ने कहा कि पप्पू यादव का बयान कौरवों जैसी दुष्ट सोच को दर्शाता है। उनकी परवरिश ही ऐसी हुई है। उनकी पत्नी भी इसी माहौल में रहती हैं। वहीं संगीता कुमारी और अनामिका पटेल ने कहा कि उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी होगी। मैथिली ठाकुर ने कहा कि पप्पू यादव का बयान शर्मनाक है। उन्होंने महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाकर गलत मानसिकता दिखाई है, जो स्वीकार्य नहीं हैं। उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए। पप्पू की सफाई- सच्चाई बोली, फिर डिबेट छोड़ भागे चौतरफा घिरने के बाद पप्पू यादव को कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं सिस्टम में महिलाओं के शोषण की सच्चाई को उजागर कर रहा हूं। उन्होंने महिला आयोग की साख पर भी सवाल उठाए। हालांकि, जब एक लाइव टीवी डिबेट में उनसे सवाल पूछे गए और माफी मांगने को कहा गया तो वो बीच डिबेट से ही उठकर भाग गए। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के ‘बेडरूम’ वाले विवादित बयान पर राजनीति गरमा गई है। वे बुधवार को भी अपने बयान पर अड़े रहे। उन्होंने महिला आयोग के नोटिस को ‘रद्दी की टोकरी’ में फेंकने की बात कही। अपनी बात सही साबित करने के लिए उन्होंने नया आरोप लगाया है। कहा कि 70-80% नेता ‘पोर्न’ देखते हैं। हिम्मत है तो सबके फोन चेक किया जाए। इसपर जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा कि पप्पू यादव पागल हो गए हैं। उन्हें पहले अपनी सांसद पत्नी (रंजीत रंजन) से पूछना चाहिए कि वो राजनीति में कैसे आईं। वहीं, भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह ने इसे ‘कौरवों जैसी दुष्ट सोच’ बताया है। दरअसल, पप्पू ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा था कि बिना नेता के कमरे में गए 90% महिलाएं राजनीति नहीं कर सकतीं। इसपर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने उन्हें नोटिस भेज कर 3 दिन में जवाब मांगा है। कहा कि अगर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो एक प्रतिनिधिमंडल स्पीकर ओम बिरला से मिलेगा और उनकी सांसदी रद्द करने की सिफारिश करेगा। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख विजया रहाटकर ने बयान को आपत्तिजनक बताते हुए माफी मांगने के लिए कहा है। बयान दुष्ट सोच को दर्शाता है : श्रेयसी पप्पू यादव के बयान पर भाजपा महिला विधायकों ने पलटवार किया है। श्रेयसी सिंह ने कहा कि पप्पू यादव का बयान कौरवों जैसी दुष्ट सोच को दर्शाता है। उनकी परवरिश ही ऐसी हुई है। उनकी पत्नी भी इसी माहौल में रहती हैं। वहीं संगीता कुमारी और अनामिका पटेल ने कहा कि उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी होगी। मैथिली ठाकुर ने कहा कि पप्पू यादव का बयान शर्मनाक है। उन्होंने महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाकर गलत मानसिकता दिखाई है, जो स्वीकार्य नहीं हैं। उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए। पप्पू की सफाई- सच्चाई बोली, फिर डिबेट छोड़ भागे चौतरफा घिरने के बाद पप्पू यादव को कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं सिस्टम में महिलाओं के शोषण की सच्चाई को उजागर कर रहा हूं। उन्होंने महिला आयोग की साख पर भी सवाल उठाए। हालांकि, जब एक लाइव टीवी डिबेट में उनसे सवाल पूछे गए और माफी मांगने को कहा गया तो वो बीच डिबेट से ही उठकर भाग गए।


