प्रियंका बिस्वास मामले में हिरासत में लिए गए पिता उदय भानु बिस्वास की बुधवार को भी काउंसलिंग नहीं हो पाई। बताया जाता है कि सीएमओ दफ्तर से कोई आदेश मेडिकल कॉलेज आना था लेकिन वह नहीं आया। यह काउंसलिंग से जुड़ा आदेश है। इसके बाद ही चिकित्सकों का पैनल प्रक्रिया को आगे बढ़ा पाएगा। पहले एक नजर वारदात पर
मूलरूप से बंगाल के रहने वाले उदय भानु बिस्वास सदर के तेली मोहल्ले में लंबे समय से रहते चले आ रहे थे। शुक्रवार देर शाम कुछ रिश्तेदार उदय भानु के घर पहुंचे। लोग इकट्ठा हो गये। घर खोलकर अंदर पहुंचे तो वहां उठ रही दुर्गंध ने सभी के होश उड़ा दिए। जाकर देखा तो अंदर एक कमरे में बैड पर शव पड़ा था जो कंकाल बन चुका था। लोगों ने पुलिस को सूचित किया
घर के अंदर युवती का शव मिलने के बाद लोगों में सनसनी फैल गई। लोगों ने इस घर में रहने वाले उदय भानु बिस्वास को पकड़ लिया। पता चला कि जो शव था, वह उदय भानु की बेटी प्रियंका बिस्वास का था, जिसकी तकरीबन पांच माह पूर्व मौत हो चुकी थी। बॉडी के नाम पर केवल पैर बचा
लोगों की मानें तो प्रियंका की मौत लगभग पांच महीने पहले हो चुकी थी। उसके पिता उदय भानु ने किसी को पता नहीं चलते दिया और शव को घर के अंदर ही रखा। यहां तक जानकारी मिल रही है कि वह धीरे धीरे शव का गला रहा था। लोग जब अंदर पहुंचे तो देखा कि युवती का शव कंकाल में बदला हुआ है और केवल पैर ही दिखाई दे रहा है। उदय भानु की दिमांगी हालत ठीक नहीं
इस मामले में हिरासत में लिए गए प्रियंका के पिता उदय भानु भास्कर की दिमांगी स्थिति ठीक प्रतीत नहीं हो रही है। बेटी को खोने का जरा भी दर्द उनके चेहरे पर दिखाई नहीं पड़ रहा। वह अजीब अजीब हरकतें भी कर रहे हैं। इसी को देखते हुए पुलिस अफसरों ने उदय भानु भास्कर की काउंसलिंग का निर्णय लिया। चार दिन से पुलिस हिरासत में उदय भानु
11 अप्रैल की शाम प्रियंका का शव घर के भीतर से मिला था। इसके बाद ही पुलिस ने उदय भानु बिस्वार को हिरासत में ले लिया था। चार दिन बीत चुके हैं और उदय भानु बिस्वास थाने में ही रहने को मजबूर है। बुधवार को सीएमओ का आदेश मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचा, जिस कारण काउंसलिंग की प्रक्रिया फिर शुरु नहीं हो पाई।


